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जम्मू के विजयपुर में बन रहा एम्स
– फोटो : अमर उजाला
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विजयपुर एम्स परियोजना पर 75 प्रतिशत तक काम पूरा करने का दावा किया गया है। इसे अक्तूबर महीने में 750 बिस्तरों के साथ शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जिसमें 193 आईसीयू बिस्तर होंगे। सुपर स्पेशियलिटी यूनिटों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
पीएमएसएसवाई/स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय की संयुक्त सचिव आईएएस अंकिता मिश्रा वुंडेला ने विजयपुर एम्स का दौरा कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया है। उन्होंने लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया है। विजयपुर एम्स के लिए केंद्र को अतिरिक्त 2048 नान गजटेड कर्मियों का प्रस्ताव भेजा गया है।
इसमें नर्सें, डाॅक्टर, सेनिटेशन, सुरक्षाकर्मी शामिल नहीं होंगे। एम्स के 42 भवनों में 50 विभाग स्थापित किए जा रहे हैं। इन भवनों में भीतरी व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एम्स के शुरू होने पर प्रतिदिन 2500 से 3000 मरीजों के पहुंचने की उम्मीद है।
इसमें जम्मू-कश्मीर के अलावा लेह, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मरीज आएंगे। इसके लिए ट्रामा और इमरजेंसी यूनिटों को मजबूत बनाया जा रहा है। अगले साल 2024 में एम्स में बिस्तर क्षमता बढ़ाकर 1500 की जाएगी। इसके लिए अलग से स्टाफ मांगा जाएगा।
अंतिम चरण में यह 2200 होगी। दिल्ली एम्स के बाद इतने बिस्तर क्षमता का एम्स विजयपुर में होगा। एम्स के नार्थ कैंपस में अस्पताल और अकादमिक भवन, जबकि साउथ कैंपस में हॉस्टल व स्टाफ हाउसिंग का निर्माण किया गया है।
एम्स के निदेशक डॉ.शक्ति गुप्ता ने बताया कि अक्तूबर में एम्स को शुरू करने के लिए सारी तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए परियोजना की प्रगति को देखने के लिए केंद्रीय टीमों का आना शुरू हो गया है।
एम्स में रेफर गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। पहले चरण में एम्स का निर्माण क्षेत्र 225205 स्क्वेयर मीटर है। इसमें एमआरआई, सीटी, पेट स्कैन, न्यूक्लियर मेडिसिन, मॉडयूलर ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, सुपर स्पेशियलिटी विभाग, ओपीडी और ट्रामा बिस्तर होंगे।
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