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अनुच्छेद 370
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सर्वोच्च न्यायालय में राज्य का दर्जा बहाल और जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने पर केंद्र की दलीलों को विपक्षी राजनीतिक दलों ने कुछ खास नहीं बताया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की यह सिर्फ ध्यान भटकाने वाली रणनीति है। सरकार परिणामों को जानते हुए जानबूझकर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों में देरी कर रही है। न्यायालय में केंद्र ने अपनी दलीलों में कहा है कि जम्मू कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव करवाए जा सकते हैं।
भाजपा की अदालत में दी गई दलीलें पहले दिए बयानों से बहुत अलग नहीं- जेकेपीसी
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (जेकेपीसी) के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने कहा कि शीर्ष अदालत में दी गई दलीलें पिछले चार वर्षों में इस मुद्दे पर केंद्र की ओर से आए बयानों से बहुत अलग नहीं हैं। मैं निराश हूं, जम्मू-कश्मीर के कारण नहीं, बल्कि आंशिक रूप से न्यायपालिका के कारण। यह न्यायपालिका का सर्वोच्च पद है और यदि यह कोई प्रश्न पूछता है और उत्तर वही और उतना ही अस्पष्ट और टालमटोल वाला होता है, जैसा कि चार साल पहले था, तो मुझे लगता है कि यह चिंता का विषय है।
भाजपा की अदालत में दी गई दलीलों में कुछ भी नया नहीं- अपनी पार्टी
अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने कहा कि शीर्ष अदालत में दी गई दलीलों में कुछ भी नया नहीं है। यह अगस्त 2019 के बाद केंद्र द्वारा दिए गए उन्हीं अस्पष्ट बयानों की तरह है। मुझे लगता है कि या तो सुप्रीम कोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है या सरकार यहां कुछ भी करने को लेकर गंभीर नहीं है। केंद्र 2019 से कह रहा है कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव होंगे।
हम चाहते हैं जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव हों- प्रदेश भाजपा
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जमीनी स्तर पर जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया है। निष्पक्ष पंचायत चुनाव करवाए गए। हम चाहते हैं जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव हों। आज जम्मू कश्मीर में चारों ओर खुशहाली है। जी20 जैसे बड़े कार्यक्रम किए गए हैं। दावा किया कि विधानसभा चुनाव में भाजपा फिर मजबूत दल बनकर उभरेगा।
भाजपा ने नहीं बताया विधानसभा चुनाव कब होंगे या राज्य का दर्जा कब बहाल होगा- सीपीआईएम
सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता एमवाई तारिगामी ने कहा कि केंद्र ने कई मौकों पर कहा है कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। वह उचित समय कब आएगा, शायद हमें 2024 में पता चलेगा। अगर लोकसभा चुनाव के बाद कुछ बदलाव होता है, तो वे शायद इस पर विचार करेंगे। हमें उन पर भरोसा क्यों करना चाहिए। उन्होंने यह नहीं बताया कि विधानसभा चुनाव कब होंगे या राज्य का दर्जा कब बहाल होगा। यह एक मजाक है।
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