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न्यायालय
– फोटो : file photo
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सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए पूर्व मंत्रियों और विधायकों के घर खाली न करने वालों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में खंडपीठ ने एस्टेट विभाग को कहा है कि खुद आवास न छोड़ने वालों को व्यक्तिगत तौर पर नोटिस जारी किए जाएं। खंडपीठ ने इस्टेट विभाग को एक महीने की अवधि के भीतर उपरोक्त कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह और न्यायाधीश एमए चौधरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने वीरवार को मामले से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।
खंडपीठ ने कहा कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि यदि इस रिपोर्ट में उल्लिखित किसी भी व्यक्ति का आवास जारी रखा जाता है तो कोर्ट के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। न्यायालय इस बात की जांच करेगा कि क्या सरकार ने इस संबंध में उचित और निष्पक्ष निर्णय लिया है। यह भी निर्देश दिया कि इस्टेट विभाग के निदेशक नोटिस जारी करने से पहले इन 43 नेताओं की बात भी सुनेंगे।
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