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पुंछ में शहीदों को श्रद्धांजलि देते उत्तरी कमान प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी
– फोटो : संवाद
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सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकियों के पास हथियारों की कमी है। पाकिस्तान उन्हें ड्रोन से हथियार भेज रहा है, जिसे रोकने के लिए कई स्थानों पर ड्रोन रोधी उपकरण लगा दिए गए हैं। आने वाले दिनों में सीमा के दोनों तरफ ड्रोन गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पुंछ लिंकअप डे की प्लैटिनम जुबली कार्यक्रम में पहुंचे द्विवेदी ने कहा, ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। सीमा पार से यदि इसका इस्तेमाल घुसपैठ और तस्करी के लिए किया जा रहा है तो हम इसे रोकने के इंतजामों को बढ़ाएंगे।
अभी तक जहां भी ड्रोन से हथियार गिराए गए हैं, उन स्थानों को चिह्नित कर जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। द्विवेदी ने कहा, आतंकी वारदातों की साजिशें रच रहे हैं लेकिन हथियार की कमी से उनके मंसूबे कामयाब नहीं हो रहे।
30 साल में आतंकवाद से किसी को फायदा नहीं हुआ
उत्तरी कमान प्रमुख ने कहा, आतंकवाद से पिछले 30 साल में किसी को लाभ नहीं हुआ है। कश्मीर घाटी के युवा उस भारत से कदम मिलाकर आगे बढ़ें जो अब जी-20 देशों के समूह का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा, सीमा पार के हालात देखकर तुलना करें कि वो कहां हैं और हमारा देश किस गति से आगे बढ़ रहा है।
द्विवेदी ने कहा, आतंकी बनने वाले 35 फीसदी युवाओं की उम्र 20 साल से कम और 55 फीसदी आतंकियों का आयु वर्ग 20-30 वर्ष के बीच है। यह दर्शाता है कि युवाओं को बरगलाया जा रहा है। हमें उनकी शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसरों पर ध्यान देने की जरूरत है। द्विवेदी ने कहा, सेना की ओर से 1800 युवाओं को दूसरे राज्यों में अच्छी शिक्षा के लिए भेजा जा चुका है।
पीओके वापस लेने को पूरी तरह तैयार
उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, सरकार जो भी आदेश करेगी उस पर अमल करना सेना का कर्तव्य है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पीओजेके को लेकर हालिया बयान के संदर्भ में द्विवेदी ने कहा, जो आदेश मिलेगा सेना उसके लिए तैयार है।
पुंछ में 75वें पुंछ लिंक अप दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे द्विवेदी ने कहा, रक्षा मंत्री ने पीओजेके को लेकर जो बयान दिया है, उसमें कुछ नया नहीं है। यह बयान उस प्रस्ताव के अनुरूप है, जिसे भारतीय संसद बहुमत से पारित कर चुकी है।
भारत और चीन के बीच मतभेद और उसे लेकर उठाए जाने वाले कदमों के बारे में उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, जून एवं जुलाई में कोर कमांडर स्तर की 16 बैठकें हुईं। सितंबर में हुई बैठक में दोनाें डिवीजनल कमांडरों ने पीपी 15 के मुद्दे को सुलझा लिया। तैनाती कम करने और सैन्य वापसी को लेकर दो मुद्दे अभी भी बाकी हैं।
डेपसांग और डेमचोक के मुद्दे सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच होने वाली 17वीं कमांडर स्तरीय बैठक की तिथी निर्धारित हो चुकी है। उम्मीद है दोनों पक्ष संजीदगी से इन मुद्दों को आपसी सहमति से हल कर लेंगे।
पाकिस्तान की तरफ से नियंत्रण रेखा के उस पार से नशीली वस्तुओं को भेजे जाने पर जीओसी इन सी ने कहा, बड़े-बड़े हथियार भेजने से भी मंसूबे पूरे नहीं। यूएन और ओआईसी में कश्मीर का मुद्दा उठाने से कुछ नहीं बना, तो उस पर से भारी मात्रा में नशीली वस्तुओं को भेजा जाने लगा।
पिछले वर्ष जून में बारामुला में 45 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी गई। इसके साथ हथियार भी थे। उसी प्रकार हर क्षेत्र में हम नियंत्रण रेखा पर सीमा पर बड़ी मात्रा में नशीली वस्तुएं पकड़ रहे हैं।
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