[ad_1]

LG Manoj Sinha
– फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) से जम्मू-कश्मीर में व्यवस्थाएं पेपरलेस होंगी। इसके लिए ई-समर्थ पोर्टल, फीडबैक पोर्टल, बायोमीट्रिक अटेंडेंस पोर्टल, स्पैरो और वार्षिक तबादला पोर्टल जैसी कई डिजिटल पहल की गईं हैं। सत्र 2022-23 से प्रदेश के सभी कॉलेजों के यूजी कार्यक्रम में लागू की गई सिफारिशें सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के बीच खाई को दूर करेंगी। इससे शोध के लिए संसाधन और विकल्प प्रदान होने के साथ डिग्री कार्यक्रम आसान बनेंगे। एलजी ने मंगलवार को पद्मश्री पद्मा सचदेव राजकीय पीजी महिला कॉलेज गांधीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति की इन प्रमुख पहलों की शुरुआत की।
एलजी ने कहा कि पर्यावरण, वैज्ञानिक, तकनीकी परिवर्तन और वैश्वीकरण ने सामाजिक आर्थिक परिवर्तनों की गति को बढ़ा दिया है। समस्या आधारित शिक्षा छात्रों को वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों से परिचित कराने के साथ नवाचार सोच और रचनात्मक कौशल विकसित करेगी। यह एक लिक्विड लर्निंग मॉडल प्लेटफार्म की तरह अधिक गतिशील और अनुकूल होगा। एनईपी भारत को ज्ञान के क्षेत्र में महाशक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकारी शिक्षण संस्थान निजी संस्थानों के बराबर अपेक्षित उपकरणों और संसाधनों से लैस हैं, इसलिए हमें अपनी राष्ट्रीय और वैश्विक रैंकिंग का आकलन करके सुधारात्मक उपाय करने की जरूरत है। शिक्षकों-छात्रों को आज और कल के लिए प्रासंगिक कौशल व ज्ञान प्रदान करने वाले अनुसंधान व मूल्यों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। एलजी ने कहा, शिक्षक और संकाय सदस्य उच्च शिक्षा में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा दें। कार्यक्रम में सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, प्रधान सचिव उच्च शिक्षा विभाग रोहित कंसल भी मौजूद रहे।
कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए 50 कॉलेजों की पहचान
नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत कौशल क्षेत्र परिषद से पहचाने गए कौशल विकास पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए डिग्री कॉलेजों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों को उद्योग के साथ साझेदारी में पढ़ाया जाएगा। यहां 12 क्रेडिट का घटक पेशेवर ज्ञान के रूप में कॉलेज की ओर से पढ़ाया जाता है और 18 क्रेडिट का घटक उद्योग से पेशेवर प्रशिक्षण के रूप में लिया जाता है। प्रारंभिक चरण में कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 50 कॉलेजों की पहचान की गई है।
स्कॉस्ट और विश्वविद्यालयों के साथ करार
जम्मू-कश्मीर उच्च शिक्षा विभाग के साथ स्कॉस्ट जम्मू, स्कॉस्ट कश्मीर, जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय के बीच कृषि आधारित कौशल, अनुसंधान ज्ञान, जीवन कौशल पाठ्यक्रम और कॉलेजों की सलाह को बेहतर ढंग से सुसज्जित करने के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान नैक प्रत्यायन हासिल करने वाले विभिन्न कालेजों के प्राचार्यों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने पर पुस्तक का विमोचन किया गया।
[ad_2]
Source link