जम्मू: ढाई किलो की थी नगरोटा में मिली IED, टाइमर भी था फिट, अगर विस्फोट होता तो हो जाता भारी नुकसान

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Jammu nagrota ied found follow up: Two and a half kg IED recovered in Nagrota timer was also fitted

Jammu Kashmir
– फोटो : Agency

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जम्मू में राष्ट्रीय राजमार्ग नगरोटा स्थित पंजग्राईं में मिली आईईडी को लेकर बड़ी जानकारी मिली है। आईईडी ढाई से 3 किलो के बीच थी। इसके साथ एक पैटर्न टाइमर था। माना जा रहा है कि आईईडी के लगाए जाने के 7 से 10 घंटों के भीतर इसमें विस्फोट होना था। इसकी चपेट में आसपास का 50 से 70 फुट का क्षेत्र चारों ओर तरफ से आ जाता। ऐसे में इस आईईडी का इस्तेमाल हाईवे पर रोड ओपनिंग पार्टी या फिर सैन्य काफिले को निशाना बनाने के लिए किया जाना था, क्योंकि इस समय अमरनाथ यात्रा चल रही है। 

हर रोज हाईवे पर सेना की रोड ओपनिंग पार्टी और सैन्य वाहनों की मदद से जांच की जाती है। बहरहाल, इस वारदात के बाद पूरे हाईवे पर अलर्ट किया गया है। नगरोटा पुलिस की ओर से मंगलवार सुबह और देर रात तक पंजग्रांई समेत एक दर्जन गांव और हाईवे पर गहन तलाशी अभियान चलाया गया। आने जाने वाले लोगों से पूछताछ की गई। संदिग्ध क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस की ओर से क्षेत्र का डंप डाटा भी खंगाला जा रहा है, ताकि पता किया जा सके कि वारदात के वक्त कितने लोगों ने बातचीत की और इसमें किसकी बातचीत संदिग्ध थी। 

एसपी राहुल चाढ़क का कहना है कि दो से ढाई किलो के बीच आईईडी थी। जांच कर रहे हैं कि इसे रखने वाला कौन था। फिलहाल मुस्तैदी से बड़ा हादसा टल गया है।

जम्मू में आईईडी की बड़ी साजिशें

बता दें कि पिछले चार साल में जम्मू संभाग में 13 आईईडी हमले हुए हैं। उधमपुर में दो, कटड़ा में एक, जम्मू के नरवाल में दो, राजोरी में 8 हमले हुए, जबकि इनमें 11 लोगों की जान भी चली गई। पिछले 4 साल में नगरोटा से लेकर सिद्दड़ा तक 3 बार आईईडी बरामद हुई है। पूरे जम्मू संभाग में पिछले 4 सालों के भीतर 60 से ज्यादा आईईडी मिली हैं। वायुसेना के स्टेशन पर ड्रोन से आईईडी हमला भी किया जा चुका है।

जम्मू में ओजी वर्करों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय

सूत्रों का कहना है कि जम्मू संभाग में बड़े स्तर पर आतंकियों के ओजी वर्करों का नेटवर्क सक्रिय है। पाकिस्तान में बैठे आतंकी कमांडर सोशल मीडिया एप के जरिए ओजी वर्कर बना रहे हैं और उन्हें मोटी रकम देकर आईईडी हमले कराने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस की ओर से कई ओजी वर्कर का डाटा लेकर इनकी कुंडली खंगाली जा रही है। कुछ से पूछताछ भी की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि नगरोटा में रखी आईईडी किसकी साजिश है।

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