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जीएमसी जम्मू के प्राचार्य के दफ्तर और आवास पर छापा
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फर्जी जन्मतिथि मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने वीरवार को जम्मू मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल एवं डीन शशि सूदन के कार्यालय, आवास और गेस्ट हाउस में दबिश दी। तीनों जगहों पर क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें मौजूद रहीं। करीब छह घंटे तक चली जांच में कई जरूरी दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने इस मामले कोई जानकारी नहीं दी है। वीरवार सुबह करीब 10 बजे एक साथ क्राइम ब्रांच की टीमों ने जीएमसी स्थित प्रचार्य के कार्यालय, तालाब तिल्लो स्थित अधिकारिक आवास और छन्नी स्थित उनके घर पर छापा मारा। सूत्रों का कहना है कि गेस्ट हाउस में प्रिंसिपल मौजूद थीं।
उन्हीं की मौजूदगी में टीम ने जन्मतिथि से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी जांच में जरूरी दस्तावेजों को बरामद कर उन्हें टीम साथ ले गई। कार्रवाई के दौरान अर्धसैनिक बलों को भी साथ रखा गया था। हालांकि इस मामले में क्राइम ब्रांच के एसएसपी शैलेंद्र सिंह से कई बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
यह है मामला
जन्मतिथि दस्तावेज से छेड़छाड़ के आरोप में जीएमसी की प्रिंसिपल डाॅ. शशि सूदन के खिलाफ पी/एस ईओडब्ल्यू (पीएस इकनामिक अफेंस विंग जम्मू) अपराध शाखा ने एफआईआर दर्ज की है। इसमें आरपीसी 420, 465, 467, 468, 471, 120बी और 5(1)(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मनु गुप्ता निवासी छन्नी हिम्मत ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि डाॅ. सूदन ने जीएमसी जम्मू में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए जन्मतिथि के दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ किया है। एमबीबीएस प्रवेश के लिए उनकी उम्र कम थी।
जिसके लिए जन्मतिथि दस्तावेज में छेड़छाड़ करके उसे 8 अप्रैल 1965 का दर्शाया गया। जबकि 1981 में वह एमबीबीएस पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए उम्र के हिसाब से योग्य नहीं थीं। एक में उनका जन्म 8-4-1964 और दूसरे में 8-4-1965 में दर्शाया गया था।
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