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Jammu Bone and Joint Hospital
– फोटो : संवाद
विस्तार
जम्मू शहर के महेशपुरा स्थित बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल जम्मू को पुराने स्टाफ के सहारे शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसमें शुरुआत में जीएमसी जम्मू के ऑर्थो विभाग सहित अन्य स्टाफ को जुटाकर इंडोर और ओपीडी सेवा शुरू की जाएगी।
इसके लिए अस्पताल में सीटी स्केन और एक्सरे मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीद है कि अस्पताल में सितंबर में चिकित्सा सेवाएं शुरू हो जाएंगी। हालांकि अस्पताल के लिए सचिवालय को भेजे 368 पदों को अभी मंजूरी नहीं मिली है।
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता की अध्यक्षता में जीएमसी में हुई बैठक में इस अस्पताल को जल्द शुरू करने के लिए रणनीति पर चर्चा की गई।
जम्मू संभाग के दस जिलों में लंबे समय से ऑर्थो क्षेत्र का विस्तार नहीं हो पाया है, जिसके लिए स्वतंत्र रूप से बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल का निर्माण किया गया है। सूत्रों के अनुसार अस्पताल के लिए 80 प्रतिशत तक जरूरी उपकरण आ गए हैं। इनमें सात ऑपरेशन थियेटरों के लिए ओपी लाइट भी जल्द पहुंच जाएंगी। मौजूदा समय में अस्पताल में सीमित ओपीडी चल रही है।
इंडोर और ओपीडी सेवा पूरी तरह से शुरू होने से ऑर्थो मरीजों को राहत मिलने के साथ जीएमसी जम्मू पर लोड कम होगा। जीएमसी के ऑर्थो विभाग में मौजूदा चार थियेटर हैं, जिसमें अमूमन तीन ही चालू रहते हैं, लेकिन बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में सात ऑपरेशन थियेटर होंगे। इनमें पांच सामान्य और दो डे केयर थियेटर हैं। 45 करोड़ रुपये की इस 182 बिस्तर वाली परियोजना पर दिसंबर, 2018 में काम शुरू किया गया था। लेकिन कोविड और अन्य कारणों से इसे अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है।
पहले चरण में इंडोर और ओपीडी को बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में शीघ्र शुरू करने की योजना है। जीएमसी में स्पाइनल वार्ड, ट्रामा व्यवस्था आदि अभी फिलहाल वहीं पर रहेगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाओं को नए अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। – डॉ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी।
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