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चंपावत आए थे स्वामी विवेकानंद
– फोटो : अमर उजाला
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चंपावत जिले में स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन प्रतिवर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद 123 वर्ष पूर्व यहां आए थे। जो 14 दिन तक लोहाघाट स्थित मायावती आश्रम में रुकने के बाद एक दिन चंपावत और एक दिन दियूरी में प्रवास किए थे। 18 जनवरी 1901 को बैलूर मठ को जाते समय स्वामी विवेकानंद ने चंपावत जिले के विभिन्न स्थानों पर प्रवास किया था।
वह लोहाघाट के मायावती आश्रम के अलावा, चंपावत मुख्यालय और दियूरी गांव में भी एक रात के लिए रुके थे। राम कृष्ण मिशन की ओर से प्रकाशित पुस्तक युग नायक विवेकानंद भाग तीन में हिमालय की अंतिम यात्रा का जिक्र करते हुए कहा गया है कि स्वामी तीन जनवरी को लोहाघाट स्थित मायावती आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने इस स्थान पर 17 जनवरी तक प्रवास किया था। इसके बाद पैदल चलकर आगे का रास्ता अपनाया और चंपावत पहुंचे। अगले दिन दियूरी में एक रात बिताई। वह दूसरे दिन श्यामला ताल होते हुए टनकपुर की ओर रवाना हुए।
दियूरी में अधूरा है ध्यान केंद्र
चंपावत जिले के दियूरी ग्राम पंचायत में स्वामी विवेकानंद से जुड़े हुए आध्यात्मिक केंद्र अधूरा पड़ा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से 22 लाख रुपये की लागत से ज्ञान केंद्र को नया रूप देने का प्रयास किया गया था। लेकिन जिला पंचायत की ओर से जमीन जिला पंचायत की होने का दावा करते हुए निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया है।
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