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जालसाज दंपती।
– फोटो : अमर उजाला।
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पुलिस जांच के मुताबिक एम्स में ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी के आरोप में पकड़ा गया देवरिया का राजीव तिवारी और उसकी पत्नी शिप्रा पुराने ठग हैं। दोनों ने पहले पड़ोसियों को जमीन दिलाने का झांसा देकर छोटी-मोटी रकम की ठगी से शुरुआत की। फिर ठगी की बड़ी घटनाओं को अंजाम देने लगे। इसमें कई बार फंसे भी, लेकिन कभी पैसे वापस कर तो कभी खुद को बड़ा अफसर बता धौंस जमा कर बचते रहे। अब दोनों पकड़े गए हैं तो पुलिस इनकी संपत्ति को जब्त करने की तैयारी में जुट गई है।
सबसे पहले इन्होंने पड़ोसियों को ही निशाने पर लिया, लेकिन मामला खुले न, इसलिए ठगी की रकम छोटी ही रखते थे। लेकिन लालच में दोनों अपना ही बनाया नियम भूल गए और एक शादी समारोह में खुद को अफसर बताकर बड़ी रकम चार लाख की ठगी कर ली। मामला सामने आ गया तो पहला केस चिलुआताल थाने में दर्ज किया गया। यहीं से यह दंपती पुलिस की नजर में आ गया।
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खबर है कि गोरखनाथ इलाके में किराए के मकान में रहने के दौरान पड़ोसी को जमीन दिलाने के नाम पर ठगी कर ली थी। बाद में पड़ोसी महिला को पता चला कि ऐसे ही कई लोगों से ठगी की है। इसी रकम में से 50 हजार रुपये उसने पड़ोसी महिला को लौटा दिया था, जिस वजह से उसने केस दर्ज नहीं कराया था।
चार लाख की जालसाजी करने के बाद दंपती के मन में फर्जी अफसर बनकर ठगी करने का आइडिया आ गया। इसके बाद फिर इन लोगों ने कैंट इलाके में महेंद्र नाम के युवक से एम्स में ठेका, पार्किंग दिलाने के नाम पर 34 लाख रुपये की जालसाजी कर दी, जिसके बाद पुलिस ने इनकी तलाश शुरू कर दी।
इसी बीच सितंबर 2023 में कैंट पुलिस के पास दंपती की शिकायत आई और फिर पुलिस ने गैंगस्टर का केस दर्ज करने के लिए रिपोर्ट तैयार की और डीएम की अनुमति के बाद केस दर्ज कर लिया गया। इसके बाद ही पुलिस ने इसकी सरगर्मी से तलाश तो शुरू की, लेकिन दंपती गोरखपुर छोड़कर फरार हो गया था। इसके बाद एसओजी ने देवरिया में उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
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