जी 20 बैठक: घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय वाले इलाकों में बढ़ाई सुरक्षा, श्रीनगर व आसपास के इलाकों में सेना तैनात

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G20: Security increased in areas with minority communities in the Valley

श्रीनगर में तैनात सुरक्षाबल
– फोटो : PTI

विस्तार

घाटी में जी-20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर श्रीनगर शहर के साथ-साथ पूरे संभाग में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित ग्रामीण इलाकों में सेना ने रात्रि गश्त बढ़ा दी है। साथ ही जगह-जगह नाके लगा कर लोगों एवं वाहनों की तलाशी ली जा रही है।

तीसरी जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक 21 से 23 मई तक श्रीनगर में आयोजित की जाएगी। जैसे-जैसे सम्मेलन की तारीख नज़दीक आती जा रही है वैसे ही सुरक्षा व्यवस्था को ज़मीनी स्तर पर और पुख्ता किया जा रहा है। 

विश्व प्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) जहां मुख्य बैठक होनी है, उसके आसपास सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। समय-समय पर जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के गश्ती दलों द्वारा सिक्योरिटी ड्रिल अंजाम दी जाती है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि कहीं कोई विस्फोटक तो नहीं रखा गया है।

इसमें विशेष रूप से मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों का सहारा लिया जा रहा है। इसके अलावा सीआरपीएफ की वाटर विंग द्वारा भी लगातार डल झील में गश्त बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।

वहीं दिन भर श्रीनगर शहर और इसके सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर मोबाइल बंकर और नाके स्थापित किए जाते हैं, जहां हर संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की तलाशी ली जाती है और उनकी डिटेल रजिस्टर में नोट की जाती है।

इसके अलावा श्रीनगर शहर में सीआरपीएफ के क्यूएटी (क्विक एक्शन टीम) की विशेष दस्ते गश्त भी करते हैं और अचानक से छोटे से क्षेत्र को घेरे में लेते हुए रैंडम सर्च चलाया जाता है। इस बीच सूत्रों के अनुसार उन सभी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता कर दी गई है, जहां अल्पसंख्यक (कश्मीरी पंडित, सिख, हिन्दू, आदि) रहते हैं।

उन्होंने बताया कि दिन के समय भी पुलिस और सीआरपीएफ के नाके उन इलाकों में रहते हैं और साथ ही रात को भी सेना द्वारा एरिया डोमिनेशन ड्रिल की जाती है, ताकि उनपर होने वाले किसी तरह के हमले को विफल बनाया जा सके।

इस बीच एडीजीपी कश्मीर ने भी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की आवश्यकता को दोहराया है। उन्होंने किसी भी आतंकवादी गतिविधि को रोकने के लिए विशेष रूप से रात के समय संयुक्त गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया है।

वहीं पुलिस द्वारा घाटी में रह रहने वाले कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य अल्पसंख्यकों को पहले से ही सतर्क रहने को कहा गया है।

जानकारी के अनुसार ऑल पीएम पैकेज एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (एपीडब्ल्यूएएस) श्रीनगर द्वारा हाल ही में कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर को एक पत्र भी लिखा है जिसमें उन्होंने केपी कर्मचारियों को रियायत देने की अपील की है।

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