ज्ञान का प्रकाश फैलाने का पर्व है दीपावली

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गुरुदेव श्री श्री रविशंकर

हमारी प्राचीन प्रथाओं व अनुष्ठानों में गहरा ज्ञान और अंतर्दृष्टि छिपी है. दिवाली हम कार्तिक माह में मनाते हैं. इस पूरे महीने लोग अपने घरों के सामने दीपक जलाते हैं. इसका एक कारण यह है कि पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में कार्तिक मास, वर्ष के सबसे अंधेरे महीनों में से एक है. यह दक्षिणायन के अंत का प्रतीक है, अर्थात जब सूर्य दक्षिण की ओर बढ़ता है, तो रोशनी कम होती जाती है.

दीपक जलाने के पीछे एक और प्रतीक है. भगवान बुद्ध ने कहा है, ‘अप्प दीपो भव’- स्वयं के लिए प्रकाश बनो. अंधकार को दूर करने के लिए एक दीपक पर्याप्त नहीं है. हर किसी को चमकना चाहिए. भगवान बुद्ध ने संघ क्यों बनाया? क्योंकि वे जानते थे कि कई व्यक्तियों में ज्ञान जगाने की आवश्यकता है. जब अधिक लोग जागृत होंगे, तो इससे खुशहाल समाज का निर्माण होगा. जब वे कहते हैं, अपने लिए प्रकाश बनो, अपने आस-पास के सभी लोगों के लिए प्रकाश बनो, तो उसका अर्थ है कि ज्ञान में रहो तथा सजगता और ज्ञान को अपने आस-पास के लोगों तक फैलाओ.

काली चतुर्दशी की महिमा

देश के कई हिस्सों में दिवाली को काली चौदस के रूप में भी मनाया जाता है. देवी काली की पूजा को समर्पित यह त्योहार रात्रि की भव्यता की सुंदर स्मृति दिलाता है. यदि रात न होती, अंधकार न होता, तो हम कभी भी अपने ब्रह्मांड की विशालता को नहीं जान पाते. ऐसा प्रतीत हो सकता है कि हम दिन में अधिक देखते हैं और रात में कम. लेकिन रात में जो हम देखते हैं, वह संपूर्ण ब्रह्मांड है. जब हम अल्प वस्तुओं के लिए अपनी आंखें बंद कर लेते हैं, तो हम उन्हें किसी बड़ी वस्तु के लिए खोल देते हैं. यदि आप ध्यान दें, तो आपकी आंखों की पुतलियां कृष्ण रंग की हैं, इन्हें काली भी कहा जाता है. मां काली ज्ञान की प्रतीक हैं. वे ऐसी ऊर्जा हैं, जिसका वर्णन हम अपनी बुद्धि से नहीं कर सकते. इसे केवल अनुभव किया जा सकता है. मां काली भगवान शिव के ऊपर खड़ी दिखती हैं. इसका क्या अर्थ है? शिव का अर्थ है अनंत मौन. जब हम शिव के अद्वैत गहन मौन का अनुभव करते हैं, तो हम समझते हैं कि यह हमारा अपना स्वरूप है. जहां हम स्वयं को उच्च ज्ञान के लिए खोलते है, वहां हम काली की ऊर्जा का अनुभव करते हैं.

दिवाली और धन की देवी

हम दिवाली पर धन की देवी मां लक्ष्मी का आह्वान करते हैं और उनका आशीर्वाद मांगते हैं. वे अपने साथ साहस व रोमांच की भावना लेकर आती हैं. आप जानते हैं, धन प्राप्त करने का विचार कई लोगों में रोमांच पैदा करता है, इसलिए धन की देवी का दूसरा संकेत रोमांच की भावना है.

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