टेरर फंडिंग : तीन आतंकी मददगारों पर चार्जशीट, पीओजेके में व्यापार की आड़ में कर रहे थे आतंकी संगठनों की मदद

[ad_1]

एनआईए (सांकेतिक तस्वीर)।

एनआईए (सांकेतिक तस्वीर)।
– फोटो : ANI

ख़बर सुनें

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पीओजेके में व्यापार की आड़ में आतंकी फंडिंग करने के मामले में तीन आतंकी मददगारों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। यह मामला 16 दिसंबर, 2016 को दर्ज किया गया था। आरोपियों की पहचान पुलवामा के तनवीर अहमद वानी, बारामुला के अरशद इकबाल और बशीर अहमद के रूप में हुई है।

आरोपियों ने 2008 में बारामुला जिले के उड़ी और पुंछ के चकां दा बाग में दो व्यापार सुविधा केंद्रों (टीएफसी) के माध्यम से काम शुरू किया था। व्यापार तंत्र की एसओपी के अनुसार इन्हें 21 उत्पादों को पीओजेके से आयात करने और जम्मू-कश्मीर से निर्यात करने की अनुमति दी गई थी। यह व्यापार विनिमय प्रणाली पर आधारित था और पैसे का कोई लेन-देन शामिल नहीं था।

एनआईए की ओर से कई दस्तावेजों की जांच के बाद पाया गया इन आरोपियों ने आयातित बादाम के अधिक आयात और कम बिलिंग के कारण मुनाफा कमाया। यह भी पाया गया कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में गए व्यापारियों में से कुछ आतंकी थे और हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े थे।

इसके मद्देनजर अप्रैल, 2019 में व्यापार बंद करवा दिया गया था। जांच से सामने आया कि आरोपी तनवीर अहमद वानी और पीर अरशद इकबाल एलओसी पार गए व्यापारी थे और उस पार कई ट्रेड फर्मों को चला रहे थे, जो उनके और दोस्तों, रिश्तेदारों, व कर्मियों के नाम पर पंजीकृत थीं।

दोनों के पीओजेके में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ भी संबंध थे। आतंकी फंड जुटाने के बाद आरोपी तनवीर अहमद वानी ने हिज्बुल मुजाहिदीन और जैश आदि आतंकी संगठनों धन मुहैया कराया था। आरोपी पीर अरशद इकबाल पाकिस्तान के पूर्व आतंकवादी बशीर अहमद सोफी को धन मुहैया कराता था। एनआईए मामले की जांच कर रही है।

विस्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पीओजेके में व्यापार की आड़ में आतंकी फंडिंग करने के मामले में तीन आतंकी मददगारों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। यह मामला 16 दिसंबर, 2016 को दर्ज किया गया था। आरोपियों की पहचान पुलवामा के तनवीर अहमद वानी, बारामुला के अरशद इकबाल और बशीर अहमद के रूप में हुई है।

आरोपियों ने 2008 में बारामुला जिले के उड़ी और पुंछ के चकां दा बाग में दो व्यापार सुविधा केंद्रों (टीएफसी) के माध्यम से काम शुरू किया था। व्यापार तंत्र की एसओपी के अनुसार इन्हें 21 उत्पादों को पीओजेके से आयात करने और जम्मू-कश्मीर से निर्यात करने की अनुमति दी गई थी। यह व्यापार विनिमय प्रणाली पर आधारित था और पैसे का कोई लेन-देन शामिल नहीं था।

एनआईए की ओर से कई दस्तावेजों की जांच के बाद पाया गया इन आरोपियों ने आयातित बादाम के अधिक आयात और कम बिलिंग के कारण मुनाफा कमाया। यह भी पाया गया कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में गए व्यापारियों में से कुछ आतंकी थे और हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े थे।

इसके मद्देनजर अप्रैल, 2019 में व्यापार बंद करवा दिया गया था। जांच से सामने आया कि आरोपी तनवीर अहमद वानी और पीर अरशद इकबाल एलओसी पार गए व्यापारी थे और उस पार कई ट्रेड फर्मों को चला रहे थे, जो उनके और दोस्तों, रिश्तेदारों, व कर्मियों के नाम पर पंजीकृत थीं।

दोनों के पीओजेके में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ भी संबंध थे। आतंकी फंड जुटाने के बाद आरोपी तनवीर अहमद वानी ने हिज्बुल मुजाहिदीन और जैश आदि आतंकी संगठनों धन मुहैया कराया था। आरोपी पीर अरशद इकबाल पाकिस्तान के पूर्व आतंकवादी बशीर अहमद सोफी को धन मुहैया कराता था। एनआईए मामले की जांच कर रही है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *