डीजल वाहनों पर प्रदूषण कर के रूप में 10 प्रतिशत अतिरिक्त GST लगाने का प्रस्ताव, गडकरी ने बताई ये वजह

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परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने डीजल वाहनों पर प्रदूषण कर के रूप में 10 प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी लगाने का प्रस्ताव रखा है. यह प्रस्ताव 20 जुलाई, 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दे दी गई थी. प्रस्ताव के अनुसार, यह कर सभी प्रकार के डीजल वाहनों पर लागू होगा, चाहे वे यात्री वाहन हों या वाणिज्यिक वाहन.

डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम

गडकरी ने कहा कि यह कर डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि डीजल वाहन पेट्रोल वाहनों की तुलना में अधिक प्रदूषण पैदा करते हैं. इसलिए, यह कर डीजल वाहनों के उपयोग को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेगा.

  • यह कर सभी प्रकार के डीजल वाहनों पर लागू होगा, चाहे वे यात्री वाहन हों या वाणिज्यिक वाहन।

  • यह कर 2023-24 के वित्तीय वर्ष से लागू होगा।

  • यह कर डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा और वायु गुणवत्ता में सुधार करेगा।

प्रस्ताव का स्वागत के साथ आलोचना भी 

इस प्रस्ताव का स्वागत पर्यावरणविदों और अन्य लोगों ने किया है. उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत के वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने में मदद करेगा. हालांकि, कुछ लोगों ने भी इस प्रस्ताव की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह कर डीजल वाहनों के मालिकों के लिए बोझ होगा और इससे वाहन की कीमत बढ़ जाएगी.

डीजल वाहन पेट्रोल वाहनों की तुलना में अधिक प्रदूषण पैदा करते हैं

यह प्रस्ताव डीजल वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. डीजल वाहन पेट्रोल वाहनों की तुलना में अधिक प्रदूषण पैदा करते हैं, क्योंकि वे अधिक सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जित करते हैं. ये प्रदूषक वायु गुणवत्ता को खराब करते हैं और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं.

10% अतिरिक्त जीएसटी डीजल वाहनों की कीमत को बढ़ा देगा

10% अतिरिक्त जीएसटी डीजल वाहनों की कीमत को बढ़ा देगा, जिससे लोगों को डीजल वाहनों का उपयोग करने से बचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. यह वाणिज्यिक वाहन मालिकों को भी इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड वाहनों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जो कम प्रदूषण पैदा करते हैं.

डीजल वाहनों पर निर्भर रहने वालों के लिए मुश्किल 

हालांकि, कुछ लोगों का तर्क है कि यह प्रस्ताव डीजल वाहनों के मालिकों के लिए बोझ होगा और इससे वाहन की कीमत बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव उन लोगों के लिए विशेष रूप से हानिकारक होगा जो डीजल वाहनों पर निर्भर हैं, जैसे कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग और व्यवसाय.

प्रस्ताव कितना प्रभावी होगा देखना बाकी 

यह देखना बाकी है कि यह प्रस्ताव भारत के वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने में कितना प्रभावी होगा. हालांकि, यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो वायु गुणवत्ता में सुधार करने और लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.

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