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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जम्मू में डेंगू के डंक से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। पिछले सात दिन में रोजाना औसतन 100 से अधिक मामले मिल रहे हैं, जो स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के मच्छरों के खिलाफ छेड़े गए अभियान के दावों की पोल खोल रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर तक डेंगू का प्रभाव रह सकता है और दिसंबर में पारा गिरने पर ही इससे निजात मिलेगी। इस बीच शनिवार को प्रदेश में 13 बच्चों समेत 111 लोग डेंगू से पीड़ित मिले हैं। जिला जम्मू सबसे अधिक प्रभावित है।
अब तक प्रदेश में 4170 लोग डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं, जिसमें जम्मू जिले में 65 प्रतिशत से अधिक 2765 लोग पीड़ित हो चुके हैं। हालांकि डेंगू से पीड़ित होने वालों का अनाधिकारिक आंकड़ा कई गुणा अधिक है। जिला जम्मू में शनिवार को 73 नए डेंगू के मामले मिले, जो प्रदेश में सर्वाधिक थे।
जम्मू शहर के लगभग हिस्से डेंगू से प्रभावित हुए हैं। बख्शीनगर, तालाब तिल्लो, रिहाड़ी, जानीपुर, छन्नी हिम्मत, जुल्लाका मोहल्ला, पुराने शहर के विभिन्न हिस्से, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, बठिंडी, सिद्दड़ा आदि क्षेत्रों में डेंगू दस्तक दे चुका है। अस्पतालों में भी डेंगू लक्षण वाले मरीजों का पहुंचना जारी है।
जीएमसी में ही रोजाना 10 से 15 डेंगू के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इनमें गंभीर मरीजों को प्लेटलेट की जरूरत पड़ रही है। मौजूदा अस्पतालों में 92 पीड़ित उपचार ले रहे हैं, जबकि घरों पर भी बड़ी संख्या में लोग उपचार ले रहे हैं। जम्मू के बाद उधमपुर अधिक प्रभावित है, यहां 513 मामले मिल चुके हैं। यहां 8 नए मामले मिले हैं। इसी तरह सांबा में 7, कठुआ में 8, रियासी में 1, राजोरी और किश्तवाड़ में 3-3, डोडा में 6 मामले मिले हैं।
डेंगू के मामले किस कितने आए
- 15 अक्तूबर 118
- 16 अक्तूबर 66
- 17 अक्तूबर 115
- 18 अक्तूबर 120
- 19 अक्तूबर 122
- 20 अक्तूबर 108
- 21 अक्तूबर 111
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