[ad_1]

भोजूबीर स्थित काली मंदिर में करवा चौथ पर पूजा करती महिलाएं ।
– फोटो : अभिषेक पाठक, अमर उजाला
विस्तार
अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग में महिलाओं ने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। चंद्रोदय के साथ ही अखंड सौभाग्य की कामना से चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित किया। चंद्रमा की आरती उतारने के बाद चलनी से सुहागिनों ने पति की सूरत देखकर जल ग्रहण किया। शहर में घरों से लेकर मंदिरों में करवा चौथ का पूजन हुआ।
यह भी पढ़ें- वाराणसी न्यूज: 541 शिक्षकों का करीब दस करोड़ का पीएफ इंश्योरेंस में लगाया, नहीं लगने दी भनक; दो निलंबित
बुधवार को भोर में ही सुहागिनों ने निर्जला व्रत का संकल्प लिया। दिनभर निर्जला व्रत रख महिलाओं ने जीवनसाथी की दीर्घायु और सुखद गृहस्थ जीवन की कामना की। सुबह घरों में शिव-पार्वती व गणेश भगवान की पूजा के बाद शाम को मंदिरों में भी महिलाएं पूजा करने पहुंचीं। महिलाओं ने सोलह शृंगार किया और सांझ ढलते ही चांद का इंतजार शुरू हो गया। मंदिरों में शाम से ही पूजन की तैयारियां शुरू हो गईं। आसमान में बादलों के कारण यह इंतजार थोड़ा लंबा लग रहा था। हालांकि रात्रि में 8:26 बजे के बाद जैसे ही चंद्रमा के दर्शन हुए तो व्रतियों के चेहरे भी खिल उठे। 27 साल बाद बन रहे सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग में महिलाओं ने चंद्रमा के दर्शन के बाद करवा की कथा सुनी। व्रती महिलाओं ने मां गौरी और भगवान शिव के साथ गणपति भगवान का भी आशीर्वाद लिया। साज-शृंगार के साथ महिलाओं और दंपतियों में सेल्फी फोटो लेने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। दंपतियों ने अपने फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं।
[ad_2]
Source link