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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश सरकार नए सत्र में शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और रोजगारपरक बनाने के लिए काम कर रही है। इसके तहत जहां स्कूलों को ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा वहीं युवाओं को पढ़ाई के साथ स्किल ट्रेनिंग देने और डिजिटल लाइब्रेरी को विकसित करने का काम किया जाएगा। इसके लिए अगले तीन महीने में 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से बेसिक शिक्षा विभाग लगभग 121 करोड़ खर्च करेगा।
बेसिक शिक्षा विभाग केंद्र की पीएमश्री योजना के अंतर्गत 1750 से अधिक स्कूलों को अपग्रेड करेगा। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, सोलर पैनल, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही ग्रीन स्कूल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां पर बच्चों व व्यस्कों के लिए लाइब्रेरी व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग पीएमश्री योजना के अंतर्गत अपने स्कूलों को अपग्रेड करेगा। वहीं स्ववित्तपोषित स्कूलों में पढ़ रही एक अभिभावक की दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति करेगा। इसके लिए विभाग ने पांच करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। साथ ही माध्यमिक शिक्षा परिषद मुख्यालय व क्षेत्रीय कार्यालय के लिए क्रमशः पांच व एक करोड़ का बजट खर्च करेगा। उच्च शिक्षा में युवाओं के लिए स्किल हब की स्थापना 2.10 करोड़ से की जाएगी।
साथ ही सरकार स्कूल छोड़ चुके छात्र-छात्राओं के लिए व्यवसायिक शिक्षा प्रदान करने और स्कूल के बाद या सप्ताहिक अवकाश के दिन स्किल ट्रेनिंग के शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स कराएगी। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना पर 10 करोड़ और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी के लिए पांच करोड़ रुपए खर्च करेंगे। डिजिटल लाइब्रेरी को भी पंचायत स्तर पर विकसित करने की कार्य योजना तैयार की गई है।
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