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मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों की पहचान चाचा-भतीजे के रूप में की। पुलिस अज्ञात वाहन से टक्कर लगने से हादसा होने का अनुमान लगा रही है। पुलिस ने विधिक कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है।
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के अहेर गांव निवासी शैलेंद्र कठेरिया (22) बहनोई त्यौर गांव निवासी परशुराम के घर में पूजा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चचेरे भतीजे नागेद्र (29) के साथ गुरुवार की शाम सात बजे घर से निकले थे। दूसरी बाइक पर परिवार का चचेरा भाई सुमित और उसका दोस्त था।
सुमित तालग्राम चौराहे पर गुटखा खरीदने लगा। वह जब त्यौर गांव पहुंचा तो वहां शैलेंद्र और नागेंद्र नहीं मिले। उन्होंने फोन किया पर रिसीव नहीं हुआ। बहनोई के परिजनों ने बाइक और लोडर से चाचा-भतीता की खोजबीन की पर पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में दोनों के शव छिबरामऊ अंडर पास के गड्ढे में पड़े मिले। पुलिस ने दोनों शवों को सीएचसी रखवाकर परिजनों को सूचना दी। मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। चौकी प्रभारी ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस मान रही हादसा
पुलिस के अनुसार किसी वाहन ने पीछे से बाइक में टक्कर मार दी। इससे एक्सप्रेस वे के अंडर पास के समीप सड़क किनारे खड़े बिजली पोल से बाइक टकरा कर गहरे गड्ढे में जा गिरी। घायल अवस्था में पूरी रात पड़े रहने से मौत हो गई। बाइक भी पीछे के हिस्से मामूली क्षतिग्रस्त हुई है।
चाचा-भतीजे दोनों मजदूरी करते थे
परिवार के कश्मीर सिंह ने बताया कि दोनों मजदूरी करते थे। चाचा शैलेंद्र की अभी शादी नहीं हुई थी। भाई रोहित और बहन धनदेवी की शादी हो गई। जबकि नागेंद्र की पत्नी प्रिंकी, और एक पुत्र व तीन बेटियां है। इकलौते पुत्र की मौत से मां रेशमादेवी का रो- रोकर हाल बेहाल है। जबकि नागेंद्र के पिता की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है।
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