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हमीरपुर जिले में कुरारा थाना क्षेत्र का पतारा गांव आपराधिक गतिविधियों को लेकर खासा चर्चित रहता है। रविवार को हुई पुलिस टीम पर हमले की घटना पहली नहीं है। इससे पहले भी दो बार पुलिस पर हमले किए जा चुके है। इसके अलावा वर्चस्व को लेकर रंजिश काफी पहले से चली आ रही है।
रविवार को दबिश देने गए पतारा चौकी इंचार्ज पर पतारा गांव निवासी अपराधी शंभू कुशवाहा ने फायर कर घायल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस पर हमले की पहली घटना नहीं है।
करीब 34 वर्ष पूर्व कुरारा थाने के दारोगा के साथ मारपीट हुई थी। वहीं करीब 15 वर्ष पूर्व सिपाहियों से रायफल छीन ली गई थी। इसके अलावा बेतवा नदी में चलने वाली मौरंग खदानों के संचालन के लिए रास्ते को लेकर वसूली का विवाद अक्सर होता रहता है। वर्चस्व की लड़ाई में कई बार यहां गोलियां चल चुकी है।
पुलिस ने आठ घंटे में आरोपी को किया गिरफ्तार
एसपी डा. दीक्षा शर्मा की सूझबूझ के चलते आरोपी को पुलिस ने आठ घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने आरोपी को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की थी। जिसमें सदर कोतवाल दुर्ग विजय सिंह, एसओजी प्रभारी सुरेश कुमार सैनी व कुरारा निरीक्षक पवन कुमार पटेल को लगाया गया।
तमंचा, पांच कारतूस और पांच खोखा बरामद
टीमों ने अपने दल बल के साथ गांव की घेराबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। सोमवार सुबह करीब चार बजे पतारा नैठी मार्ग पर आरोपी शंभू कुशवाहा को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तमंचा, पांच कारतूस और पांच खोखा बरामद किए हैं।
गांव में फैली दहशत
गांव में आरोपी शंभू कुशवाहा द्वारा उपनिरीक्षक को गोली मारने से ग्रामीणों में दहशत है। इसके चलते लोगों में भय व्याप्त है। उसके खिलाफ कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। थाना प्रभारी पवन पटेल ने बताया कि आरोपी पर वर्ष 2005 में अवैध शराब बेचने व 2015 में मारपीट व गाली गलौज का मामला दर्ज किया गया था।
दबिश देने के दौरान पुलिस पर किया हमला
कुरारा थानाक्षेत्र के गांव पतारा में दबिश देने गए दरोगा को गोली मारने वाले बदमाश शंभू को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पैरों में गोली लगने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, घायल दरोगा का कानपुर में इलाज चल रहा है।
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