दिल्ली में अब ऑटो की सवारी करने पर लगाना होगा सीट बेल्ट, रैपिडो ने शुरू की पहल

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नई दिल्ली : भारत की राजधानी दिल्ली में अब तिपहिया ऑटो में सवारी करने वाले यात्रियों को भी सीट बेल्ट लगाना आवश्यक है. बेंगलुरु की कैब एग्रीगेटर रैपिडो ने दिल्ली में तिपहिया वाहनों में पीछे बैठे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाने की अनूठी पहल की है. कंपनी ने गुरुवार 17 अगस्त को एक बयान जारी कर कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में करीब 1,000 से अधिक ऑटो-रिक्शा में सीट बेल्ट लगाएगी. रैपिडो की ओर से शुरुआत की गई इस पहल का उद्देश्य न केवल तिपहिया वाहनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है, बल्कि सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना भी है.

बाइक-टैक्सी और थ्री-व्हीलर सेवाएं देती है रैपिडो

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रैपिडो कर्नाटक स्थित एक ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर है, जो पूरे भारत में 100 से अधिक शहरों में संचालित होता है. 2015 में स्थापित यह कंपनी ग्राहकों को केवल बाइक-टैक्सी और थ्री-व्हीलर सेवाएं प्रदान करती है. रैपिडो ऑटो थ्री-व्हीलर्स में लगाई जाने वाली सीट बेल्ट आमतौर पर चार-पहिया वाहनों के अंदर लगाई जाने वाली सीट बेल्ट से अलग होती है. सीट बेल्ट हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले लैप बेल्ट की तरह होते हैं.

दिल्ली-एनसीआर के इन इलाकों के ऑटो में लगेगी सीट बेल्ट

पहल के तौर पर रैपिडो दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में मालवीय नगर, साकेत, सरोजिनी नगर, नोएडा सेक्टर 6, कौशांबी, ग्रेटर नोएडा (नॉलेज पार्क) और गुरुग्राम सेक्टर 30 जैसे स्थानों पर चलने वाले तिपहिया वाहनों में सीट बेल्ट लगाएगी. रैपिडो इन ऑटो-रिक्शा को बरसात के मौसम के लिए रेन कर्टेन से भी लैस करेगी. रैपिडो ऑटो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली ने कहा कि भारत में ऑटो के पास अनिवार्य रूप से दुर्घटनाओं के मामले में चोटों को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं हैं. एक जिम्मेदार सेवा प्रदाता के रूप में हम क्षेत्र में परिवर्तन लाने में विश्वास करते हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर के अलावा, यह पहल हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे अन्य शहरों में भी शुरू की गई है.

रैपिडो ने ट्रैफिक पुलिस से मिलाया हाथ

रैपिडो ऑटो ने कहा कि उसने सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने के लिए शहर के यातायात पुलिस अधिकारियों के साथ समझौता किया है. इस पहल में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में सीपीआर और बुनियादी जीवन समर्थन प्रशिक्षण जैसे प्रथम प्रतिक्रिया प्रशिक्षण शामिल हैं. इस महीने की शुरुआत में रैपिडो ने दोपहिया वाहन चालकों के बीच सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के साथ भी समझौता किया था. इस पहल के एक हिस्से के रूप में पुलिस विभाग ने नोएडा में लोगों को 100 से अधिक रैपिडो-ब्रांडेड हेलमेट वितरित किए. हेलमेट आईएसओ प्रमाणित थे, जो कड़े गुणवत्ता मानकों को पूरा करते थे.

यात्रियों की बढ़ेगी सुरक्षा

ऑटो रिक्शा में इस तरह की व्‍यवस्‍था करने से यात्र‍ियों को न केवल बारिश के मौसम में बल्‍क‍ि ज्यादा ठंड, गर्मी और आंधी या तूफान आद‍ि के समय भी कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा. वहीं, सीट बेल्ट से दुर्घटना के समय एक्स्ट्रा सिक्योरिटी की एक लेयर जुड़ती है. इस तरह की पहल सबसे पहले बेंगलुरु में शुरू की गई थी. इसके बाद हैदराबाद और अब दिल्ली में इसे शुरू किया गया है.

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