दूसरी के प्रेम में पति बना हैवान: वैलेंटाइन डे पर प्यार करते-करते बीवी को मार डाला, बोला-नसरीन न होती तो मैं..

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बरेली में झोलाछाप फारूख आलम ने पत्नी की हत्या का गुनाह कबूल कर लिया। शनिवार को उसे जेल भेज दिया गया। एसएसपी के सामने फारूक ने कहा कि रिश्तेदार युवती ने उससे कहा था कि नसरीन न होती तो वह उससे निकाह कर लेती, इसलिए बीवी को मार डाला। पदारथपुर में 13-14 फरवरी की रात नसरीन की हत्या से पहले झोलाछाप फारूक आलम ने पूरी योजना बनाई थी। मां को नशे का इंजेक्शन व बच्चों को नशे की गोलियां दीं। वैलेंटाइन डे का फायदा उठाया। वह नसरीन से प्यार भरी बातें करने लगा और बातों ही बातों में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। 

 



फारूख ने स्वीकार किया कि नसरीन को रास्ते से हटाकर ही रिश्तेदार युवती से उसका निकाह संभव हो सकता था। हत्या से पहले उसने नसरीन से पूछा कि वह उससे कितना प्यार करती है। नसरीन ने कहा कि हद से ज्यादा। तब उसने पूछा कि क्या वह उसके लिए जान दे सकती है।

 


नसरीन ने हां कहा तो फारूख ने उसके मुंह में उसका दुपट्टा ठूंस दिया। नसरीन इसे मजाक समझती रही, पर जब सास बंद हुई तो वह छटपटाने लगी। तब उसने नसरीन के दुपट्टे से ही उसका गला दबा दिया। फारूख ने घटना को डकैती का रूप देने के लिए जेवर सेफ से निकालकर रसोई में छिपा दिए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिए।


दरोगा तुरंत मौके पर जाते तो खुल जाता खेल

घटना की जानकारी रात दो बजे फारूख के साले ने दरोगा रामऔतार व यूपी 112 को दी। पीआरवी तो घटनास्थल तक जाकर लौट आई, पर दरोगा कॉल रिसीव करके भी सो गए। दरोगा व अधिकारी सुबह छह बजे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों का मानना था कि दरोगा सूचना पर तत्काल पहुंचते तो फारूख का खेल खुल जाता। लापरवाही बरतने पर रामऔतार को निलंबित कर दिया गया था।

 


फारूख झोलाछाप है। उसने हत्या की जो कहानी बनाई, वह फर्जी निकली। पुलिस और एसओजी ने सूझबूझ से घटना खोल दी। टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जा रहा है। – अखिलेश चौरसिया, एसएसपी


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