नाट्य महोत्सव मंडी: एक था गधा उर्फ अलादाद खां नाटक से दिखाई सियासत की सनक और व्यवस्था का पाखंड

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ek tha Gadha urf Aladad Khan…the drama showed the craziness of politics and the hypocrisy of the system.

एक था गधा उर्फ अलादाद खां नाटक का मंचन।
– फोटो : संवाद

विस्तार


रंगमंच को समर्पित संस्था हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं रंगमंडल की ओर से आयोजित दूसरे राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव-2023 का आगाज हो गया है। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किए जा रहे चार दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव की प्रथम संध्या में एक्टिव मोनाल थिएटर ग्रुप कुल्लू की ओर से देश के मशहूर लेखक शरद जोशी द्वारा लिखित नाटक एक था गधा उर्फ अलादाद खां पेश किया। इसका निर्देशन रंगकर्मी एवं निर्देशक केहर सिंह ने किया। इस अवसर पर उपन्यासकार एवं कथाकार डा. गंगाराम राजी ने बतौर मुख्यातिथि एवं साहित्यकार मुरारी शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान सतोहल रंगमंडल प्रेक्षागृह में चार दिन तक प्रदेश व दूसरे राज्यों से कलाकार आकर यहां प्रस्तुतियां देंगे। कुल्लू के कलाकारों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से सियासत की सनक और व्यवस्था के पाखंड से पर्दा उठाया।

नाटक में यह दिखाया गया कि किस तरह से हुकुमरानों द्वारा व्यवस्था का इस्तेमाल करने के लिए आम आदमी कैसे बलि का बकरा बनता है और कैसे एक गरीब अलादाद खां को एक गधे की जगह पर मारा जाता है। नाटक हंसी ठहाके के साथ सामाजिक राजनीतिक ढांचे को हमारे सामने लाकर खड़ा कर देता है जहां सत्ताधारी अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के दिखावे के लिए अपने को बड़ा और महान बनाने के लिए मनमानी ढंग से आम लोगों की पीस देते हैं। नाटक में नवाब की भूमिका में केहर सिंह, चिंतक आरती ठाकुर व रेवत राम, कोतवाल वेद प्रकाश, रामकली पूजा, सूत्रधार कल्पना, पान वाला सूरज, जुग्गन श्याम लाल, दर्जी मीरा, अलादाद खां जीवानंद व नागरिक परमानंद के अतिरिक्त संगीत संचालन वैभव ठाकुर व आप व्यवस्था मीनाक्षी ने की। हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान व रंगमंडल की सचिव सीमा शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में दूसरे प्रदेशों से कलाकार यहां आकर अपनी प्रस्तुतियां देते हैं। जिससे समकालीन रंगमंच के बारे में स्थानीय दर्शकों को पता चलेगा।

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