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मुख्यमंत्री योगी
– फोटो : अमर उजाला
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केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित शहरी विकास योजनाएं धरातल पर कितना काम कर रही हैं इसकी हकीकत जानने के लिए शासन द्वारा 26 अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है। यह अधिकारियों की यह टीम 6 जुलाई से लेकर 8 जुलाई तक प्रदेश के 56 जिलों में इन योजनाओं की हकीकत को परखेगी। हर अधिकारी के जिम्मे एक से अधिक जिले हैं।
यह अधिकारी केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित शहरी विकास योजनाओं की जमीन पर हकीकत जानने की कोशिश करेंगे। इन योजनाओं में स्मार्ट सिटी योजना, स्वच्छ भारत मिशन योजना, अमृत योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना, पीएम आवास योजना(शहरी), और पीएम स्वनिधि योजना शामिल है।
इन 26 अधिकारियों में शासन के अधिकारी, निदेशालय के अधिकारी, सूडा निदेशालय के अधिकारी, नगर परिवहन निदेशालय के अधिकारी और उप्र जल निगम के अधिकारी शामिल हैं। जांच करने के बाद यह अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देंगे। कौन अधिकारी किस जिले में निरीक्षण करेगा इसकी सूचना सार्वजनिक कर दी गई है।
जिन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है उनमें शासन के 6 अधिकारी हैं। इसके अलावा निदेशालयों में तैनात 9 अधिकारी शामिल हैं। सूडा निदेशालय के अलावा नगरीय परिवहन निदेशालय और उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिकारियों को भी इस कार्य में लगाया गया है।
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले केंद्र और राज्य सरकार इस बात को टटोलना चाहती है कि शासन द्वारा जो योजनाएं चलाई जा रही हैं उनको लाभ सीधे जनता को मिल रहा है या नहीं।
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