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दिल्ली में प्रदूषण का स्तर
– फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर में खराब हवा लोगों के दिल की धड़कनें बढ़ा रही हैं। ऐसे मरीजों की संख्या आपातकालीन विभाग में करीब 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। चिंता की बात है कि इन मरीजों की उम्र 20 से 45 साल के बीच है। इन मरीजों में अचानक धड़कन बढ़ना, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव की समस्या ज्यादा देखी जा रही है। वहीं, काफी मरीज हार्ट फेल, दिल का दौरा, अत्यधिक उच्च रक्तचाप की समस्या के साथ पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए बढ़ता प्रदूषण स्थिति को गंभीर बना रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण के कारण दिल तक साफ हवा नहीं पहुंच पा रही। ऑक्सीजन के साथ प्रदूषक तत्व फेफड़ों को पार करके दिल तक पहुंच जाता है। यहां से इनका प्रवाह खून में मिलकर पूरे शरीर में हो जाता है। इसके साथ यह दिल की धड़कन की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। प्रदूषक तत्व खून में मिलकर ब्लॉकेज बना सकता है, जिस कारण हार्ट फेलियर, दिल का दौरा जैसी समस्या हो सकती है।
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