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जलशक्ति विभाग ने भेजे 21 माह के पेयजल बिल
– फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा चुनाव खत्म होते ही हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सटी पंचायतों के पेयजल उपभोक्ताओं को जलशक्ति विभाग ने फिर झटका दे दिया है। रोक के बावजूद पंचायती क्षेत्र के उपभोक्ताओं को विभाग ने पानी के बिल थमा दिए हैं। नेरी पंचायत के सांगटी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को ये बिल जारी हुए हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार ये बिल 21 महीने के हैं। बीते साल मार्च से लेकर इस साल नवंबर तक के बिल जारी किए गए हैं। इसी महीने 28 दिसंबर तक इन्हें जमा करने को भी कहा गया है। पेयजल उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार ने जून के बाद ग्रामीण इलाकों में पानी के बिल माफ करने की घोषणा की थी।
लेकिन इसके बावजूद उनसे नवंबर तक के बिल वसूले जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह जून तक के बिल देने को तैयार हैं। लेकिन इसके बाद के बिल नहीं वसूले जाने चाहिए। चुनाव से पहले भी विभाग ने पंचायती क्षेत्र के पेयजल उपभोक्ताओं को 21 महीने के पानी के बिल जारी कर दिए थे। तब मामला सामने आने पर जलशक्ति मुख्यालय ने बिल आवंटन पर रोक लगा दी थी। मुख्यालय ने इस मामले पर सरकार से स्थिति स्पष्ट होने तक बिल जारी न करने के निर्देश दिए थे। अभी मुख्यालय से इस बारे में सरकार से पत्राचार नहीं किया गया है। लेकिन इससे पहले ही शहर से सटे कई पंचायती इलाकों में फिर बिल जारी हो गए हैं।
शहर से सटी पंचायतों में हैं 10 हजार से ज्यादा उपभोक्ता
कसुम्पटी डिवीजन के तहत पंचायती क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा पेयजल उपभोक्ता हैं। इनमें मैहली, चैली जैसे कई इलाके शहर से सटे हैं। ये पंचायतों का हिस्सा हैं, ऐसे में यहां के लोग भी मुफ्त पानी का दावा कर रहे हैं। उधर, विभाग के कुछ अधिकारियों का तर्क है कि ये शहरी इलाके हैं। सरकार ने सिर्फ ग्रामीण इलाकों में पानी बिल माफ किया है। हालांकि, जलशक्ति मुख्यालय इस पर सहमत नहीं है। अब इस पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने के लिए पत्राचार करने की तैयारी है।
अभी जारी नहीं होंगे पेयजल बिल
पंचायती क्षेत्र में पेयजल बिल जारी करने पर रोक लगाई गई है। सरकार से इस बारे में पत्राचार भी किया जा रहा है। बावजूद इसके बिल क्यों जारी किए गए, इस पर रिपोर्ट ली जाएगी। अधिकारियों को तुरंत बिल जारी करने की प्रक्रिया रोकने के निर्देश दे दिए हैं। -अंजु शर्मा, मुख्य अभियंता, जलशक्ति विभाग शिमला जोन
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