चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस बाजार में सोमवार को पांचवें दिन भी आग बुझाने का अभियान जारी रहा, जबकि जली हुई दुकानों के मलबे से धुआं निकल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद से 150 से अधिक दमकल की गाड़ियों को आग बुझाने के काम में लगाया गया है।
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने केंद्र, दिल्ली सरकार और बीमा कंपनियों से भागीरथ पैलेस बाजार के प्रभावित व्यापारियों के लिए पुनर्वास कार्य शुरू करने में मदद करने का अनुरोध किया है। संगठन के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल और अन्य व्यापारी नेताओं ने कहा कि दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन (DETA) के साथ, प्रभावित व्यापारियों के बीमा दावों की प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा।
दमकल कर्मियों को संकरी गलियों और आग की वजह से जर्जर हो चुकी इमारतों की वजह से अंदर घुसकर काम करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में आग किसी न किसी स्थान पर लगे जा रही है। फायर विभाग की ओर से बताया गया था कि शनिवार तक 24 लाख लीटर पानी आग बुझाने में इस्तेमाल किया जा चुका है।
उधर पांचवें दिन भी आग पूरी तरह न बुझ पाने पर कारोबारियों में खासा रोष है। उनका कहना था कि करीब 120 घंटे बाद भी उनको यह पता नहीं चल सका है कि उनका क्या नुकसान हुआ है। उनको अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही कारोबारियों को अंदर भेजा जाएगा।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि गुरुवार भागीरथ पैलेस में एक दुकान के बाहर रखे लकड़ी के सामान में पहले आग लगी थी। जब तक लोग उसे बुझाते तब तक आग ने कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते कई बिल्डिंग आग की चपेट में आ गई। कुछ देर बाद हालात बेकाबू हो गए।
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चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस बाजार में सोमवार को पांचवें दिन भी आग बुझाने का अभियान जारी रहा, जबकि जली हुई दुकानों के मलबे से धुआं निकल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद से 150 से अधिक दमकल की गाड़ियों को आग बुझाने के काम में लगाया गया है।
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने केंद्र, दिल्ली सरकार और बीमा कंपनियों से भागीरथ पैलेस बाजार के प्रभावित व्यापारियों के लिए पुनर्वास कार्य शुरू करने में मदद करने का अनुरोध किया है। संगठन के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल और अन्य व्यापारी नेताओं ने कहा कि दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन (DETA) के साथ, प्रभावित व्यापारियों के बीमा दावों की प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा।