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पाकिस्तान में हुए आम चुनाव के बाद मतगणना जारी है. रुझान में पहले इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थित उम्मीदवार आगे चल रहे थे, हालांकि बाद में बड़ा उलटफेर हुआ और जिन सीटों पर इमरान की पार्टी आगे चल रही थी वहां नवाज शरीफ की पार्टी ने बढ़त बना ली है. आपको बता दें कि पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने कई आरोपों के बीच हुए मतदान के समाप्त होने के 10 घंटे से अधिक समय बाद शुक्रवार देर रात चुनावों के नतीजों की घोषणा करनी शुरू की जिसपर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है. ईसीपी चुनाव के दौरान धांधली, छिटपुट हिंसा और देशभर में मोबाइल फोन सेवा बंद होने को लेकर लोगों के निशाने पर थी.
खबर लिखे जाने तक 266 में से कई सीटों के रिजल्ट घोषित किये जा चुके हैं. इमरान खान की पार्टी के 10 उम्मीदवार जीत चुके हैं जबकि बिलावल भुट्टो की पार्टी के 5 उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. वहीं नवाज शरीफ की पार्टी ने 11 सीट पर जीत का परचम लहराया है. इस बीच पीएमएल-एन की मरियम औरंगजेब ने चुनाव परिणाम को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि पार्टी केंद्र और पंजाब में सरकार बनाने जा रही है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर उन्होंने रिजल्ट आने के क्रम में प्रतिक्रिया दी और कहा कि नतीजे अभी भी पार्टी के चुनाव सेल को प्राप्त हो रहे हैं. मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं में लगे बैन की वजह से दिक्कत हो रही है. चुनाव के परिणाम मिलना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थिति मजबूत बनी हुई है.
इमरान खान अभी जेल में
यहां चर्चा कर दें कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अभी जेल में हैं और उनके चुनाव लड़ने पर बैन लगाया गया था. इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रत्याशी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान पर उतरे थे, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पार्टी को उसके चुनाव चिह्न क्रिकेट का ‘बल्ला’ से वंचित करने के चुनाव आयोग के फैसले को बरकरार रखा था.
कुल 5,121 उम्मीदवार मैदान में
पाकिस्तान चुनाव आयोग के अनुसार, नेशनल असेंबली की सीटों के लिए कुल 5,121 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें 4,807 पुरुष, 312 महिलाएं और दो ट्रांसजेंडर हैं. चार प्रांतीय विधानसभाओं के लिए 12,695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनमें 12,123 पुरुष, 570 महिलाएं और दो ट्रांसजेंडर हैं. इस चुनाव में, बिलावल भुट्टो-जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) भी शामिल है, जिन्हें पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है.
चुनाव में सेना का प्रभाव
पाकिस्तान के बारे में कहा जाता है कि इस देश में पीएम इलेक्ट नहीं बल्कि सलेक्ट किया जाता है. चुनाव में सेना का प्रभाव ज्यादा नजर आता है. पिछली बार सेना का साथ इमरान खान को मिला था. इस बार सेना नवाज शरीफ की पार्टी के साथ खड़ी नजर आ रही है. यही वजह है कि शरीफ की पार्टी की जीत की बात इस बार कही जा रही है.
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