पानी पर किसका जोर: छोटे भाई को बचाने के लिए तवी नदी में उतरी बहन, दोनों डूबे, बकरियां चराने गए थे बच्चे

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jammu tawi two children drowned: Sister entered water to save younger brother in Tawi river

तवी किनारे जमा हुए लोग
– फोटो : संवाद

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सर्दी ने दस्तक दी तो कश्मीर घाटी के अनंतनाग जिले का एक परिवार काम की तलाश में अपने चार बच्चों और कुछ बकरियों के साथ जम्मू शहर चला आया। सोमवार को पिता काम की तलाश में रहा। मां अपने दो छोटे बच्चों आसिया और आदिल के साथ तवी नदी किनारे बकरियों को चराने के लिए चली आई। पलभर के लिए भी मां बच्चों को अपनी आंखों से ओझल नहीं देना चाहती थी, लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था।

दिन ढला तो मां किसी काम से अपने नदी किनारे स्थित किराए के घर में लौट आई। इतने में आदिल ( उम्र 8 वर्ष) मुंह धोने के लिए तवी नदी की ओर बढ़ा। अचानक उसका पैर फिसला और वह नदी में जा गिरा। छोटे भाई को डूबता देख बहन आसिया ( 12 वर्ष) उसे बचाने के लिए दौड़ी। उसने पानी में झपटा मार भाई को पकड़ा। लेकिन पानी की ताकत दोनों भाई-बहनों के जोर से ज्यादा थी। नदी का तेज बहाव दोनों को साथ बहाकर ले गया। बच्चों की चीखें सुन मां दौड़ी-दौड़ी मौके पर पहुंची। मां और बच्चों को चिल्लाते देख आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। लेकिन जब तक मदद पहुंचती, पानी दोनों भाई बहनों को बहा कर दूर ले जा चुका था।

मामला बाग-ए-बहु पुलिस थाने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हर की पोड़ी के पास का है। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। बाग-ए-बहु थाने की पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। बच्चों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया। सूरज ढलने तक नदी का कोना-कोना टीम ने खंगाला, लेकिन बच्चों को कोई पता नहीं चला। अंधेर बढ़ता देख अभियान को रोक दिया गया। मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों को घटना से कुछ दूरी पर बच्चों के शव मिले। सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दोनों शवों को बरामद किए गए। दोनों के इस तरह निधन से परिजनों में दुखों का पहाड़ टूट गया है।

एचएसओ बाग-ए-बहु पुलिस स्टेशन आरती ठाकुर ने कहा कि घटना देर शाम छह से सात बजे के बीच की है। दो बच्चे तवी किनारे बकरियां चरा रहे थे। इस बीच वह तवी में गिरकर डूब गए। घटना की जानकारी मिलने पर एडीआरएफ और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया, संभावित और गहरे स्थानों पर तलाशी की गई, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। सुबह फिर तलाशी अभियान चलाया गया।

वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार अक्सर तवी किनारे विशेष समुदाय के बच्चे अपने माल मवेशी तवी किनारे चराने ले जाते हैं। सोमवार को यह बच्चे भी तवी किनारे थे, लेकिन तवी में गिरने से डूब गए। बता दें कि चार महीने पहले भी उक्त स्थान पर बच्चे डूबे थे।

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