पितृपक्ष के अंतिम दिन दिवंगत CDS जनरल बिपिन रावत की बेटियां पहुंची गया, माता-पिता के मोक्ष के लिए किया पिंडदान

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तीर्थस्थली गयाजी में 28 सितंबर से आयोजित 17 दिवसीय पितृपक्ष मेला के आखिरी दिन पितरों के आत्मा की शांति व मोक्ष प्राप्ति की कामना लिए देश के विभिन्न राज्यों से आये श्रद्धालुओं ने पिंडदान व तर्पण किया. इसी कड़ी में शनिवार को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के मोक्ष की प्राप्ति के लिए गया में पितृ श्राद्ध एवं पिंडदान किया गया. जनरल बिपिन रावत और मधुलिका रावत का पिंडदान करने उनकी बड़ी पुत्री कृतिका रावत, छोटी पुत्री तारिणी रावत, जनरल रावत के भाई रिटायर्ड कर्नल विजय रावत, मधुलिका रावत के भाई यशवर्धन सिंह और उनकी पत्नी सपना सिंह आई थी. इस तरह जनरल बिपिन रावत और मधुलिका रावत की मौत की कामना को लेकर परिवार के द्वारा श्राद्ध और पिंडदान गया में किया गया है.

मोक्ष की कामना की गई

गया में विष्णुपद क्षेत्र में पहुंचकर जनरल बिपिन रावत के मोक्ष की कामना को लेकर उनके परिवार के लोगों के द्वारा पिंडदान किया गया. जानकारी होगी 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर क्रैश में जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की मौत हो गई थी. डेढ़ साल के बाद परिवार के लोग जनरल बिपिन रावत और मधुलिका रावत के मोक्ष की कामना को लेकर गया जी में पिंडदान करने को पहुंचे हैं.

पितृ श्राद्ध और पिंडदान श्राद्ध करने आए हैं

इस संबंध में मधुलिका रावत के भाई यशवर्धन सिंह ने बताया कि वह मध्य प्रदेश से आए हैं. साथ में जनरल बिपिन रावत की दो बेटियां कृतिका रावत और तारिणी रावत, जनरल साहब के भाई कर्नल विजय रावत, मैं यशवर्धन सिंह और मेरी पत्नी सपना सिंह गया जी को पहुंचे हैं. पिंड दान का कर्मकांड कराया जा रहा है.

बिपिन रावत के रिश्तेदार ने कहा…

बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत के भाई यशवर्धन सिंह ने बताया कि तमिलनाडु के कुन्नूर में 8 दिसंबर 2021 को MI 17 हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था. इस हेलिकॉप्टर में जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की मौत हो गई थी. उनके मोक्ष की कामना को लेकर हम सभी परिवार के सदस्य पिंडदान करने के लिए गया पहुंचे हैं. यहां पिंडदान करने का पौराणिक महत्व है. इसलिए हम लोग आए हैं.

कैसे हुआ था विपिन रावत का निधन

8 दिसमबर 2021 को जनरल बिपिन रावत वायु सेना के Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर से अपने दौरे के लिए तमिलनाडु के वेलिंग्टन जा रहे थे. हेलिकॉप्टर ने 11:48 AM बजे सुलूर एयर बेस से अपनी उड़ान भरी और इसे 12:15 बजे वेलिंग्टन लैंड करना था. लेकिन सुलूर एयर बेस के एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने 12:08 बजे अपना संपर्क खो दिया और कुन्नूर में क्रैश हो गया. इस हेलिकॉप्टर में जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी सहित 14 लोग सवार थे. जिसमें से 13 लोगों की मौत हो गई थी. जब यह हादसा हुआ जनरल वीपीन रावत 63 वर्ष के थे उन्हें जनवरी 2020 में देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस नियुक्त किया गया था.

रिपोर्ट- संजीव कुमार सिन्हा, गया

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