पुंछ आतंकी हमला: आतंकियों ने लादेन को मारने वाले हथियार का किया इस्तेमाल, अफगानिस्तान से सप्लाई होने की आशंका

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Poonch terror attack: Terrorists used the weapon that killed Laden, fear of supply from Afghanistan

पुंछ आतंकी हमले के बाद सैन्य वाहन में लगी आग।
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

जम्मू संभाग के पुंछ में हुए घातक आतंकी हमले में जहां प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की शैडो संगठन पीएएफएफ ने खुलकर इस हमले की जिम्मेदारी ली है, वहीं इस संगठन द्वारा जारी पोस्टर में एक हथियार को भी दिखाया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस हथियार का नाम हेकलर एंड कोच असॉल्ट राइफल है। इसको नाटो और यूएस की नेवी सील टीम बड़े ऑपरेशनों को अंजाम देने में करती आई हैं। यहां तक कि इस हथियार का इस्तेमाल ओसामा बिन लादेन के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में भी सील टीम द्वारा इस्तेमाल किया गया था।

इस गैस ऑपरेटिड असॉल्ट राइफल की गोलियां 5.56×45 एमएम होती हैं, जो स्टील बुलेट जैसी ही नजर आती हैं और इनमें स्टील बुलेट की ही तरह निशाने को चीरकर जाने की क्षमता होती है। इससे पहले भी जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के पास से आधुनिक हथियार बरामद हुए हैं।

इसमें अमेरिका में बनी एम4 कार्बाइन और तुर्की में बनी पिस्टल कैनिक टीपी शामिल हैं। घाटी में आतंकवादियों के पास से स्टीकी बम भी मिले हैं जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर अफगानिस्तान में देखा गया है।

यहां बने स्टीकी बम की बनावट वैसी ही है। हालांकि सूत्रों की मानें तो स्टीकी बम को यहां पर ही आतंकवादियों द्वारा बनाया गया है। जम्मू कश्मीर में आधुनिक हथियार हमेशा से ही सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता और चुनौती बनती है।

अब सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को खंगालने में जुट गई हैं। हालांकि घाटी में हुए विभिन्न मुठभेड़ों में करीब एक दर्जन एम4 कार्बाइन राइफल्स को बरामद किया गया है, जबकि तुर्की में बनी पिस्टल विभिन्न अभियानों में 40 के करीब बरामद की गई हैं।

… तो पाकिस्तान से चलाया जा रहा हथियारों का सिंडिकेट

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के निकलने के साथ ही यह आशंका जताई जा रही थी कि तालिबान कश्मीर में आतंकवादियों का साथ देगा या नहीं, लेकिन अभी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ऐसे हथियारों का आतंकवादी संगठनों के पास देखा जाना कहीं न कहीं एक ऐसे सिंडिकेट की तरफ इशारा करता है, जो पाकिस्तान से चलाया जा रहा है।

चाहे लश्कर की शैडो संगठन टीआरएफ या जैश की की पीएएफएफ हो, दोनों पाकिस्तान द्वारा चलाई जा रही हैं और ऐसे में उन तक हथियार पहुंचाने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल नियंत्रण रेखा के पार से देखा जा रहा है।

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