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– फोटो : संवाद
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भंग कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के कार्यालय के बाहर ढाबा चलाने वाले सोहन सिंह की दलाल बनने के पीछे की कहानी काफी रोचक है। सोहन सिंह ने पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा में अपनी पत्नी को नौकरी दिलवाने के लिए मुख्य आरोपी उमा आजाद से भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र खरीदा। बताया जा रहा है कि सोहन सिंह ने दोस्तों और रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर करीब दो लाख रुपये में प्रश्नपत्र खरीदा था।
उमा आजाद से प्रश्नपत्र खरीद कर सोहन ने इसे पत्नी शैलजा को दिया और शैलजा परीक्षा में पास हो गई। सोहन ने दलाल बनकर दो लाख की भरवाई के लिए आयोग की निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद से कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर का प्रश्नपत्र हासिल कर लिया। दलाल इन प्रश्नपत्रों को बेचकर दो लाख रुपये की भरपाई करना चाहता था। इस बीच, एसआईटी ने उसे पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कर लिया।
उसके खिलाफ कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर भर्ती का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में पहली एफआईआर दर्ज थी, लेकिन अब एसआईटी ने पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी मामले में भी सोहन सिंह को नामजद किया है। सोहन सिंह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में चल रहा है। एसआईटी अब न्यायालय से उसकी न्यायिक हिरासत को पुलिस हिरासत में तबदील करवाने के प्रयास में लगी है। अभी तक छह विभिन्न एफआईआर में कुल बीस लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 9 मई को खत्म हो रही है। इसी दिन इन आरोपियों को दोबारा न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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