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पौष अमावस्या के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदी में स्नान कर आप जल से अपने पितरों को तर्पण दें. जल से पितरों की आत्माएं तृप्त होंगी तो वे खुश होकर आपके खुशहाल जीवन और तरक्की का आशीष देंगे.

यदि आप पितृ दोष से पीड़ित हैं तो अमावस्या के दिन अपने पितरों के लिए पिंडदान, श्राद्ध आदि करें, इससे आप दोष से मुक्त हो जाएंगे और धन में वृद्धि का योग बनेगा.

अमावस्या के दिन पीपल की जड़ में जल अर्पित करने और दीप जलाने से देवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके साथ ही पितर भी प्रसन्न होते हैं और कष्टों से भी मुक्ति दिलाते हैं.

पौष अमावस्या के दिन एक काले कपड़े में 5 लौंग रखकर उस पोटली को बहती नदी में प्रवाहित कर दें, इससे घर की समस्याएं दूर हो जाएंगी.

पौष अमावस्या के दिन नकारात्मक शक्तियां का असर ज्यादा होता है, ऐसे में सायंकाल के दौरान घर में कुछ समय के लिए लाइट जलाकर रखें.

पौष अमावस्या के दिन राहु के प्रभाव से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पथ अवश्य करें और हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाएं.
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