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बैलगाड़ी पर चारा लादकर ले जाते ग्रामीण
– फोटो : अमर उजाला
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बदायूं जिले में कई दिनों तक पूरी तरह से शांत रहने के बाद एक बार फिर रामगंगा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बुधवार शाम को रामगंगा में आई बाढ़ का पानी नगरिया खनू के मजरा अखट में घुस गया, जिसकी वजह से ग्रामीण परेशान रहे। उधर, दातागंज से शाहजहांपुर को जोड़ने वाले दो पुलों के रास्तों पर भी पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया। इधर, मुड़ा से फरीदपुर जाने वाला पहुंच मार्ग कट जाने से भी रास्ता बंद है।
जिले में लगातार दो माह तक गंगा खतरे से निशान से ऊपर बहती रही, जिसकी वजह से कई दर्जन घर बाढ़ की भेंट चढ़ गए। पिछले 15 दिनों से गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे चल रही थी। यही हाल रामगंगा का था। वह भी शांत चल रही थी, लेकिन अब रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इस समय रामगंगा 161.080 मीटरगेज पर बह रही है हालांकि खतरे का निशान 163 मीटर पर है।
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इसकी वजह से क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल इसकी चपेट में आ गई है। हजरतपुर से कुड़रा मजरा पुल और नगरिया खनू से लालपुर खादर जाने वाले पुल के रास्ते पर भी पानी पूरी तरह से भर गया है, जिसकी वजह से दातागंज से शाहजहांपुर को जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे दोनों जिलों के करीब 60 गावों के लोग प्रभावित हैं।
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