बनारस में गंगा फिर उफान पर: 84 घाटों का संपर्क तीसरी बार टूटा, तीर्थ पुरोहित और नाविकों की चिंता बढ़ी

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Ganga Water Level increasing in varanasi Contact with 84 ghats lost for third time concern of pilgrim priests

वाराणसी में गंगा का जलस्तर
– फोटो : अमर उजाला

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वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से 84 घाटों का संपर्क फिर टूट गया है। अब सीढि़यों के सहारे एक घाट से दूसरे घाट तक जाने में दिक्कत हो रही है। गलियों से आवागमन करना पड़ रहा है। श्री काशी विश्वनाथ धाम तक जाने वाला गंगा द्वार आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। गंगा आरती का स्थल बदल गया। यह तीसरा मौका है, जब घाटों का आपसी संपर्क टूटा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति घंटा चार सेंटीमीटर की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है।

पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। शनिवार  सुबह गंगा का जलस्तर 63.68 मीटर रिकॉर्ड किया गया था, जो रात आठ बजे तक 63.96 मीटर हो गया। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। देर शाम तक ही सभी घाटों की सीढि़यां जलमग्न हो गईं और उनका आपसी संपर्क टूट गया। जलस्तर बढ़ने से तीर्थ पुरोहित और नाविकों की चिंता बढ़ गई है। नाविकों ने अपनी छोटी नावों को किनारे पर बांध दिया है। जल पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। जलस्तर और बढ़ा तो नावों का संचालन बंद किया जा सकता है। 

बारिश का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ का खतरा

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, नरौरा बांध, हरिद्वार व गंगा बैराज कानपुर से पानी छोड़ा गया है। गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी 20 या फिर 21 सितंबर तक वाराणसी पहुंच जाएगा। इससे जलस्तर और बढ़ सकता है। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ की चुनौती बढ़ जाएगी।

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