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पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में ग्राम प्रधान और अन्य लोगों ने राजातालाब पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो कमरे के अंदर का नजारा देख सभी सन्न रह गए। मां, विवाहित बेटी और बेटे का रक्तरंजित शव पड़ा था। चेहरे और सिर को बुरी तरह से कूंचा गया था, ताकि पहचान नहीं हो सके।
वाराणसी- जक्खिनी मार्ग स्थित मिल्कीपुर निवासी भोला गुप्ता की पत्नी रानी गुप्ता (55), विवाहित बेटी पूजा (26), छोटा बेटा मोहन (30) एक ही मकान में रहते थे। पति भोला गुप्ता और उसका बड़ा बेटा दीपक पिछले छह साल से अलग रहते थे। बेटी पूजा का ससुराल रोहनिया थाना अंतर्गत वंदेपुर गांव में है। पूजा का ससुराल में सास और ससुर से अनबन चल रहा था। विवाद के कारण पिछले सोमवार को दामाद अरविंद अपनी पत्नी पूजा और दो बच्चों के साथ ससुराल मिल्कीपुर गांव पहुंचा।
पत्नी को काफी समझाया लेकिन वह घर जाने के लिए तैयार नहीं हुई। कुछ दिन बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर घर चला गया। पत्नी मायके में ही रह गई। बच्चों को घर पर छोड़ने के बाद अरविंद लापता हो गया। इस बीच गुरुवार सुबह देर तक रानी गुप्ता के घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। जबकि सुबह अमूमन रानी उठकर घर के बाहर दरवाजे पर साफ-सफाई करती थी। पड़ोस की रहने वाली कुछ महिलाएं दरवाजा खटखटाई तो कोई जवाब नहीं मिला।
इसकी सूचना गांव के प्रधान और अन्य लोगों को हुई तो राजातालाब पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो कमरे के अंदर फर्श पर रक्तरंजित रानी, उसकी बेटी पूजा और बेटे मोहन का शव पड़ा हुआ था। चेहरे और सिर को बुरी तरह से कूंचा गया था, ताकि पहचान नहीं हो सके। शव के पास ही बांका, हंसिया, डंडा और टूटी हुई कुर्सी पड़ी हुई थी।
फॉरेंसिक फील्ड यूनिट की टीम ने चेहरे पर जमे खून को धुलवाया तो पहचान हुई। तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही कमिश्नरेट पुलिस उच्चाधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे। अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय संतोष कुमार सिंह, गोमती जोन के डीसीपी विक्रांत वीर और एसीपी राजातालाब अंजनी कुमार राय वारदात स्थल पर पहुंचे और छानबीन शुरू की।
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