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सरस्वती पूजा का पर्व 14 फरवरी को मनाया जाएगा. बसंत पंचमी पर जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं. अपने घर के साथ-साथ मंदिर को भी साफ करें.

फिर एक चौकी पर देवी सरस्वती की मूर्ति स्थापित करें, इसके बाद देवी मां को कुमकुम का तिलक लगाएं.

देवी को पीले फूलों की माला चढ़ाएं. देवी सरस्वती को फल और मिठाई अर्पित करें. फिर सरस्वती मंत्रों का जाप करें.

विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए सफेद या पीले रंग का फूल चढ़ाए जाते हैं. सफेद गुलाब , सफेद कनेर या फिर पीले गेंदे के फूल से भी मां सरस्वती वहुत प्रसन्न होती हैं.

बसंत पंचमी पर कौन से कार्य करना वर्जित माना जाता है. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की आराधना की जाती है, इस दिन बिना स्नान किए किसी भी चीज का सेवन न करें.
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