बारामुला: हेड कांस्टेबल डार की हत्या के सुराग मिले, कातिल और मददगार बख्शे नहीं जाएंगे- डीजीपी

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Baramulla: dgp rr swain said Clues found in murder of head constable Dar

आरआर स्वैन
– फोटो : पुलिस



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आतंकी हमले में शहीद जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल गुलाम महोम्मद डार के घर जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आरआर स्वैन पहुंचे। उन्होंने उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के वाइलू निवासी शहीद हेड कांस्टेबल के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। 

उन्होंने कहा, डार की हत्या में सुराग मिले हैं। कातिलों और मददगारों को ढूंढ निकालेंगे। बाद में उन्होंने पुलिस स्टेशन पट्टन का दौरा किया और कामकाज की समीक्षा की व अपराध रिकॉर्ड की जांच की। डीजीपी ने एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार, डीआइजी उत्तरी कश्मीर विवेक गुप्ता और एसएसपी बारामुला आमोद अशोक नागपुरे के साथ शहीद के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को पुलिस विभाग से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने कहा, हमने अपने पुलिस परिवार के एक सदस्य को खोया है। साथी अफसरों के साथ हमने यह तय किया है कि हम इस घटना की तह तक जाएंगे और कातिल को ढूंढेंगे। कातिल के मददगारों को कानून के दायरे में लाएंगे। हमें सुराग मिले हैं, हम काम कर रहे हैं।

पाकिस्तान द्वारा सरहद पार से आतंकवादियों को धकेल कर हालात बिगाड़ने संबंधी एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा, वे लोग अपनी जगह बैठकर साजिशें रचते रहेंगे। हम यहां अवाम के साथ मिलकर हालात सुधारेंगे, जिससे उनकी हर साजिश धीरे-धीरे नाकाम हो जाएगी। भेजने वाला भेजने की कोशिश करेगा, लेकिन यहां उनको साथ देने वाला कोई मिलेगा नहीं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नारकोटिक्स लाकर यहां बेच रहा है, हथियार व गोलाबारूद भेज रहा है। हम यहीं से सारी साजिशें खत्म करने में कामयाब हो जाएंगे, जब यहां कोई उनका साथ देने के लिए कोई नहीं होगा। इस सर्दी से हमारी यह पहली कार्रवाई शुरू होगी।

डीजीपी ने कहा कि चाहे हमारा कोई साथी हो या कोई भी आम शहरी हो, किसी का कत्ल या नुकसान हम होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि जो कोई भी उनका (आतंकियों) साथ देगा चाहे वो पार बैठा हो या अंदर। उन्हें हम कटघरे में लाएंगे। बाद में डीजीपी ने पुलिस स्टेशन पट्टन का दौरा किया जहां उन्होंने पुलिस स्टेशन के कामकाज की समीक्षा की और अपराध रिकॉर्ड का विवरण भी जांचा। 

क्षेत्राधिकार वाले पुलिसकर्मियों के साथ बातचीत करते हुए डीजीपी ने आतंकी अपराध की घटनाओं से निपटने के लिए व्यापक जवाबी उपाय अपनाने पर जोर दिया। कहा कि लोगों के जीवन की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया।

संचार को और मजबूत करने के निर्देश

डीजीपी ने अधिकारियों को रैंकों के भीतर संचार को और मजबूत करने व लोगों की सुरक्षा के लिए अपने संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा ग्रिड को बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि आतंकवादी गतिविधियों को किसी भी प्रकार का समर्थन प्रदान करने वाले सभी संदिग्ध तत्वों को उनके प्रयासों को विफल करने के लिए रडार पर रखा जाना चाहिए। डीजीपी ने निर्देश दिया कि शांति विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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