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लेफ्टिनेंट कर्नल राकेंदू उपाध्याय kr cex
– फोटो : अमर उजाला
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मेरा मन मानने को तैयार नहीं है। ऐसा मेरा बेटा कभी नहीं कर सकता है। गाजीपुर के चंद्रशेखर कॉलोनी में पला-पढ़ा है, वहां के लोगों से पूछ सकते हैं, मेरा बेटा बहुत अच्छा है। यह कहना है लाचार मां शारदा उपाध्याय का, जिनका बड़ा पुत्र लेफ्टिनेंट कर्नल राकेंदू उपाध्याय उर्फ बबलू एक नेपाली युवती की हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे है। मां शारदा उपाध्याय और छोटे भाई मनीष उपाध्याय के साथ परिवार के लोग बिलख रहे हैं। घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। वे समझ में नहीं पा रहे हैं कि आखिरकार यह कैसे हो गया।
बाल विकास परियोजना में सुपरवाइजर के पद से सेवानिवृत्त शारदा उपाध्याय कोई फोन आने और घटना के बारे में पूछने पर फफक कर रो पड़ती हैं। छोटे भाई मनीष उपाध्याय ने जैसे ही बड़े भाई के बारे में बताना चाहा, उनका गला भर आया और आंखों से आंसू बहने लगे। रुंधे हुए गले से बताया कि फोन पर बहुत कम ही बात होती थी, व्हाट्सएप के जरिए लिखकर हाल-चाल पूछते थे। बच्चे की तरह समझाते थे।
लाचार मां और पत्नी बच्चों के साथ सुबकने को मजबूर
मनीष ने कहा कि मेरे भाई को फंसाया गया है। सरल स्वभाव के साथ पढ़ने में होनहार भइया हमेशा अच्छी सीख देते थे। घर में एक लाचार मां और पत्नी बच्चों के साथ सुबकने को मजबूर हैं। किसी का मन मानने को तैयार नहीं है कि होनहार और सरल स्वभाव के बडे भाई ने इस तरह का कदम उठाया होगा।
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