बालकराम मौत का मामला: नौ साल बाद सीबीसीआईडी की टीम ने खंगाले सबूत, पुलिस हिरासत में गई थी जान; नहीं मिले गवाह

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CBCID team examines evidence in Balakram's death case

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– फोटो : फाइल फोटो

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एटा के अलीगंज में करीब नौ साल पहले पुलिस हिरासत में हुई बालकराम की मौत की जांच कर रही सीबीसीआईडी की टीम बृहस्पतिवार को अलीगंज पहुंची। यहां पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और सबूत खंगाले।

मैनपुरी के गांव भोजपुर के रहने वाले बालकराम की मौत पुलिस हिरासत में वर्ष 2014 में हुई थी। पुलिस ने बदमाश बताकर उसे अकबरपुर कोट के पास से पकड़ा था। थाने में मौत होने के बाद परिजन व अन्य आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया और हंगामा किया। पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया था। बाद में पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया।

शिकायत पर दोबारा पोस्टमार्टम हुआ। लेकिन इसकी सीडी गायब कर दी गई। शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंची। तो आयोग ने इसे गंभीर मामला बताते हुए इसी साल सीबीसीआईडी से जांच कराने का आदेश दिया। जिसके बाद सीबीसीआईडी की टीम मामले की विवेचना कर रही है।

बृहस्पतिवार को सीबीसीआईडी के सीओ मनोज कुमार और निरीक्षक दिनेश कुमार अलीगंज थाने पहुंचे। स्थानीय पुलिस को साथ लेकर अकबरपुर कोट के पास घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान कैल्ठा के प्रधान संतोष यादव को भी टीम साथ में घटनास्थल पर ले गई। उनसे भी जानकारी की गई। अलीगंज कोतवाली प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि सीबीसीआईडी की टीम आई थी। स्थलीय निरीक्षण कर चली गई। गवाह बुलाए गए थे, जो नहीं पहुंचे।

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