बिलासपुर: सरकार से झटके के बाद आया अदाणी ग्रुप का बयान, कहा- हिमाचल में अनुकूल कारोबारी माहौल की दरकार

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अडाणी ग्रुप

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– फोटो : सोशल मीडिया

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हिमाचल प्रदेश सरकार से झटके के बाद अदाणी ग्रुप ने कहा कि हिमाचल में अनुकूल कारोबारी माहौल की दरकार है। प्रदेश को उद्योगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सब प्रयास करने चाहिए। यह बयान तब आया है, जब सरकार ने अदाणी समूह की मनमानी पर शिकंजा कसना शुरू किया है और सिविल सप्लाई के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी से आपूर्ति की अनुमति दी है। रविवार को जारी बयान में अदाणी समूह ने कहा कि प्रदेश में उद्योग चलाने के लिए सहयोग और सौहार्दपूर्ण माहौल की आवश्यकता है। ऑपरेटरों से भी सहयोग की जरूरत है। कहा कि हिमाचल अनुकूल कारोबारी माहौल देकर समूह की विस्तार योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 

राज्य में विनिर्माण क्षेत्र के विकास के लिए एक अच्छी तरह से संचालित लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण होगा। उद्योग के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए सभी प्रयास करने चाहिए। प्रवक्ता विकास ने कहा कि अंबुजा सीमेंट और एसीसी भारत में सबसे मजबूत ब्रांडों में से एक हैं। इनके पास विनिर्माण और आपूर्ति शृंखला के बुनियादी ढांचे की अपार गहराई है। उनके 23 सीमेंट प्लांट, 14 ग्राइंडिंग स्टेशन, 80 रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट और पूरे भारत में 50,000 से अधिक चैनल पार्टनर्स की आरे से प्रतिनिधित्व किया जाता है। दोनों कंपनियों के पास वर्तमान में लगभग 70 एमटीपीए की स्थापित उत्पादन क्षमता है। अंबुजा सीमेंट और एसीसी राज्य में सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) में से एक हैं। हालांकि, हिमाचल के सीमेंट संयंत्रों पर बाजार में बने रहने का भारी दबाव है। ऐसे मामलों को सभी हितधारकों के सामने आने वाले मुद्दों को समझकर ही हल किया जा सकता है। अंबुजा और एसीसी इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए परिवहन संघों सहित सभी पक्षों से सहयोग की मांग कर रहे हैं। 

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हिमाचल प्रदेश सरकार से झटके के बाद अदाणी ग्रुप ने कहा कि हिमाचल में अनुकूल कारोबारी माहौल की दरकार है। प्रदेश को उद्योगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सब प्रयास करने चाहिए। यह बयान तब आया है, जब सरकार ने अदाणी समूह की मनमानी पर शिकंजा कसना शुरू किया है और सिविल सप्लाई के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी से आपूर्ति की अनुमति दी है। रविवार को जारी बयान में अदाणी समूह ने कहा कि प्रदेश में उद्योग चलाने के लिए सहयोग और सौहार्दपूर्ण माहौल की आवश्यकता है। ऑपरेटरों से भी सहयोग की जरूरत है। कहा कि हिमाचल अनुकूल कारोबारी माहौल देकर समूह की विस्तार योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 

राज्य में विनिर्माण क्षेत्र के विकास के लिए एक अच्छी तरह से संचालित लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण होगा। उद्योग के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए सभी प्रयास करने चाहिए। प्रवक्ता विकास ने कहा कि अंबुजा सीमेंट और एसीसी भारत में सबसे मजबूत ब्रांडों में से एक हैं। इनके पास विनिर्माण और आपूर्ति शृंखला के बुनियादी ढांचे की अपार गहराई है। उनके 23 सीमेंट प्लांट, 14 ग्राइंडिंग स्टेशन, 80 रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट और पूरे भारत में 50,000 से अधिक चैनल पार्टनर्स की आरे से प्रतिनिधित्व किया जाता है। दोनों कंपनियों के पास वर्तमान में लगभग 70 एमटीपीए की स्थापित उत्पादन क्षमता है। अंबुजा सीमेंट और एसीसी राज्य में सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) में से एक हैं। हालांकि, हिमाचल के सीमेंट संयंत्रों पर बाजार में बने रहने का भारी दबाव है। ऐसे मामलों को सभी हितधारकों के सामने आने वाले मुद्दों को समझकर ही हल किया जा सकता है। अंबुजा और एसीसी इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए परिवहन संघों सहित सभी पक्षों से सहयोग की मांग कर रहे हैं। 



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