बिहार के पूर्व कानून मंत्री जाएंगे जेल? दानापुर कोर्ट ने खारिज की बेल

[ad_1]

बिहार में वारंट को लेकर विवाद और अपहरण के मामले में RJD MLC कार्तिक सिंह पर दर्ज मामले में गुरुवार को दानापुर कोर्ट में सुनवाई हुई.

News Nation Bureau | Edited By : Jatin Madan | Updated on: 01 Sep 2022, 06:33:39 PM

kartik kumar file pic

RJD MLC कार्तिक सिंह (Photo Credit: फाइल फोटो)

Patna:  

बिहार में वारंट को लेकर विवाद और अपहरण के मामले में RJD MLC कार्तिक सिंह पर दर्ज मामले में गुरुवार को दानापुर कोर्ट में सुनवाई हुई. जहां कार्तिक सिंह खुद कोर्ट नहीं पहुंचे थे. इस दौरान उनके वकील जनार्दन राय ने पक्ष रखा था. इस मामले में कोर्ट ने फैसला चार बजे तक के लिए सुरक्षित रख लिया गया था. जिस पर शाम करीब पांच बजे फैसला आया और कोर्ट ने कार्तिक सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.

बिहार में सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा. दरअसल विवादों के बाद बिहार सरकार के पूर्व कानून मंत्री कार्तिक कुमार से कानून मंत्रालय छीन लिया गया था और उन्हें गन्ना मंत्री के तौर पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन नई जिम्मेदारी मिलने को 24 घंटे भी नहीं हुए और कार्तिक कुमार ने सीएम नीतीश को अपना इस्तीफा सौंप दिया. बिहार में महागठबंधन सरकार के नए कैबिनेट को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कभी कैबिनेट मंत्रियों के आपराधिक रिकॉर्ड सुर्खियां बटोरते हैं तो कभी उनके इस्तीफों की खबर. दरअसल बिहार सरकार के गन्ना मंत्री कार्तिक कुमार ने कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के साथ ही सियासी गलियारों में सरगर्मी बढ़ने लगी है.

बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद संभालने के साथ ही कार्तिक कुमार विवादों में घिर गए थे. उन्हें नई सरकार में कानून मंत्री का पद सौंपा गया था, लेकिन उनके आपराधिक रिकॉर्ड के चलते बीजेपी ने जमकर महागठबंधन सरकार को आड़े हाथ ले लिया. बीजेपी के हल्लाबोल के बाद कार्तिक कुमार से उनका विभाग छीन लिया गया और उन्हें गन्ना मंत्री के तौर पर नई जिम्मेदारी मिली. सुबह कार्तिक कुमार से उनका मंत्रालय छीना गया और शाम को ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. वहीं इस्तीफा देने के बाद मंत्री इस पर सफाई दी. जहां उन्होंने बीजेपी को जमकर आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि वो भूमिहार समाज से आते हैं इसलिए बीजेपी को पच नहीं रहा था. उन्होंने साथ ही कहा कि न्यायालय से सब केस खत्म हो जाएगा इसके बाद जो जिम्मेदारी सरकार या पार्टी देगी उसे स्वीकार करेंगे.

पूर्व मंत्री पर कौन-कौन से आरोप हैं ? 
कार्तिक कुमार पर कई थानों में दर्ज हैं मामले
मोकामा, मोकामा रेल थाना, बिहटा में भी FIR दर्ज
कारोबारी के अपहरण मामले में विपक्ष ने साधा था निशाना
कारोबारी राजीव रंजन की 2014 में हुई थी किडनैपिंग
कोर्ट ने मामले में लिया था संज्ञान
किडनैपिंग मामले में कार्तिक कुमार भी आरोपी
बिहटा थाने में कार्तिक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज
इसी मामले में कोर्ट ने वारंट जारी किया है
मंत्री ने सभी आरोपों को खारिज किया था 

कार्तिक कुमार के इस्तीफे के बाद एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गया है. जहां बीजेपी और महागठबंधन के बीच वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है. एक तरफ इस्तीफे पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने तंज कसा… तो वहीं बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने बीजेपी पर पलटवार किया है.

गौरतलब है कि कार्तिक कुमार का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है. उन्हें समर्थकों के बीच ‘कार्तिक मास्टर’ के नाम से जाना जाता है. RJD के पूर्व विधायक और दबंग नेता अनंत सिंह जब से राजनीति में आए, तभी से कार्तिक कुमार उनके करीबी रहे हैं. जिस दिन नीतीश कुमार की गठबंधन सरकार में वो कैबिनेट मंत्री की शपथ ले रहे थे. उसी दिन उन्हें 2014 के अपहरण मामले कोर्ट में सरेंडर करना था. लिहाजा इस मामले में ऐसा सियासी तूल पकड़ा कि कार्तिक कुमार को न सिर्फ अपना विभाग गंवाना पड़ा, बल्कि उन्होंने मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया.






संबंधित लेख

First Published : 01 Sep 2022, 06:33:39 PM




For all the Latest
States News, Bihar News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.




[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *