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ब्लिंकन ने कहा कि हम इस मसले पर भारत सरकार के साथ भी सीधे संपर्क में हैं. मेरा मानना है कि जो सबसे सकारात्मक चीज इस वक्त हो सकती है, वह यह है कि जांच आगे बढ़े और पूरी हो. हम उम्मीद करते हैं कि हमारे भारतीय मित्र इस जांच में सहयोग करेंगे. कनाडा ने हालांकि अपने आरोपों के संबंध में कोई सबूत साझा नहीं किया है लेकिन वहां की मीडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में कनाडाई सरकार से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा है कि सिख अलगाववादी नेता की हत्या में भारत की संलिप्तता के आरोप इंसानी तथा खुफिया जानकारी और ओटावा के फाइव आइज खुफिया नेटवर्क के एक सहयोगी देश से मिली गोपनीय सूचनाओं पर आधारित हैं. बता दें, फाइव आइज खुफिया नेटवर्क में कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं.
भाषा इनपुट के साथ
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