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बुर्के में कैटवॉक करतीं छात्राएं
– फोटो : Amar Ujala
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मुजफ्फरनगर के श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज में फैशन शो के दौरान बुर्के में मुस्लिम छात्राओं के कैटवॉक पर जमीयत उलमा-ए-हिंद ने कड़ा एतराज जताया था, वहीं सपा सांसद डॉ शफीकुर्रहमान बर्क ने इसे इस्लाम विरोधी बताते हुए छात्राओं पर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर अब ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रतिक्रिया दी है।
मौलाना ने कहा कि हिजाब एक धार्मिक लिबास है, इसे बहस का मुद्दा न बनाया जाए। जिन लड़कियों ने हिजाब पहनकर नुमाइश की है, उसमें कोई मर्द शामिल नहीं था। वो सिर्फ महिलाओं का ही कार्यक्रम था। हिजाब पहनकर नुमाइश के स्टेज पर चलना फिरना इतना बड़ा जुर्म नहीं कि उन बच्चियों के खिलाफ कानूनी और शरई कार्रवाई की जाए।
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उन्होंने कहा कि लोगों को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि ये लड़कियां शरीयत का ज्ञान नहीं रखती हैं और इनके माता पिता भी बहुत ज्यादा शरीयत के ज्ञानी नहीं है। ऐसी सूरत में इन लड़कियों के साथ इनके परिवार वालों को समझाने और शरई बात बताने की जरूरत है, न कि इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात हो।
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