बेटी का शव लेकर थाने पहुंचा पिता, तब दर्ज किया केस, दो दिन पहले फंदे पर लटकी मिली थी महिला

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– फोटो : demo pic

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उतरांव के नौबाजार गांव में दो दिन पहले फंदे पर लटकी मिली नमिता यादव (25) की मौत के मामले में मंगलवार को भी हंगामा हुआ। मुंबई से आया पिता शव लेकर थाने पहुंच गया। केस दर्ज होने से पहले अंतिम संस्कार न करने की बात कही। घंटों मशक्कत के बाद पुलिस ने छह ससुरालियों पर नामजद केस दर्ज किया, तब शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

नमिता मूल रूप से भदोही के लहौरा गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी 21 मई 2019 को उतरांव के नौबाजार गांव निवासी प्रदीप यादव के साथ हुई थी। 19 फरवरी को वह ससुराल में फंदे पर लटकी मिली। सूचना पर पुलिस पहुंची और मुंबई में रहने वाले पिता रजितराम यादव को सूचना देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार शाम पोस्टमार्टम के बाद ससुरालीजनों ने शव उठाना चाहा तो पिता ने फोन से कहा कि उसके आने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा। ससुरालीजनों ने विरोध किया तो मायके पक्ष से आए रिश्तेदारों से विवाद हो गया। जिसके बाद ससुरालवाले शव छोड़कर भाग निकले।

उधर रिश्तेदार शव लेकर भदोही चले गए। मंगलवार दोपहर पहुंचने पर पिता व अन्य परिजन शव लेकर सीधे उतरांव थाने पहुंच गए। पिता ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई। जब तक मुकदमा नहीं दर्ज होता, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इसे लेकर हंगामा होता रहा। बाद में पिता की तहरीर पर पति प्रदीप यादव, ससुर मोहनलाल, सास, देवर संदीप यादव, ननद महिमा व अंजना पर केस दर्ज किया गया, तब जाकर मायकेवाले शांत हुए। फिर शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

मायकेपक्ष के लोगों से तहरीर सोमवार शाम को ही देने के लिए कहा गया था। लेकिन तब पिता के आने के बाद शिकायत देने की बात कही गई थी। मंगलवार को तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की बात सामने आई है। – सुधीर कुमार, एसीपी हंडिया

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