भगवान राम के पुष्पक विमान जैसी कार बना रही मारुति, ट्रेन-बस के उबाऊ सफर से मिलेगी छूटकारा

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Maruti Suzuki Flying Car: भारत में अभी तक तो पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सड़कों पर चलने वाली हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों का ही निर्माण किया जा रहा है. लेकिन, अब बहुत जल्द ही हवा में उड़ने वाली फ्लाइंग कार भी बनना शुरू हो जाएगी. वाइब्रेंट गुजरात में देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने हवा में उड़ने वाली फ्लाईंग कार के कॉन्सेप्ट मॉडल को शोकेस किया है. इसके साथ ही, वाहन निर्माता कंपनी ने अपनी आने वाली इलेक्ट्रिक कार ईवीएक्स के कॉन्सेप्ट मॉडल को भी प्रदर्शित किया है. वाइब्रेंट गुजरात में प्रदर्शित मारुति के फ्लाइंग और ईवीएक्स इलेक्ट्रिक कार का अवलोकन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किया. इस फ्लाइंग कार के आने के बाद ट्रेन-बस के उबाऊ सफर से छुटकारा मिल जाएगा.

पीएम मोदी ने किया पहला निरीक्षण

मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने अपेडेटेड प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक कार ईवीएक्स को पिछले साल के फरवरी महीने में आयोजित ऑटो एक्सपो 2023 में भी प्रदर्शित किया था. इसके अलावा, 29-31 अक्टूबर 2023 को टोक्यो में आयोजित जापान मोबिलिटी शो में मारुति की जापानी सहयोगी कंपनी सुजुकी ने भी ईवीएक्स को शोकेस किया था. सबसे खास बात यह है कि मारुति सुजुकी इंडिया ने भारत में फ्लाइंग कार सर्विस शुरू करने में अपनी दिलस्पी दिखाते हुए उड़ने वाली कार के कॉन्सेप्ट मॉडल को वाइब्रेंट गुजरात में प्रदर्शित किया है. आने वाली इस फ्लाइंग कार को वाइब्रेंट गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी निरीक्षण किया.

स्काईड्राइव के साथ मिलकर फ्लाइंग कार बनाएगी मारुति

मारुति सुजुकी इस फ्लाइंग कार को स्काईड्राइव के साथ पार्टनरशिप में बना रही है, जो कि जापान की कंपनी है. अपकमिंग स्काईकार एक मल्टी रोटर एयरक्राफ्ट है, जिसे भारत में फ्लाइंग कार की तरह इस्तेमाल किए जाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है. स्काईकार फ्लाइंग टैक्सी का कॉन्सेप्ट खास तौर से उन शहरी इलाकों के लिए काम आएगा जहां एयरपोर्ट बनाना मुश्किल है.

जापान में होगा निर्माण

सुजुकी का कहना है कि मारुति के इस फ्लाइंग कार का निर्माण मध्य जापान में सुजुकी ग्रुप के कारखाने में किया जाएगा. कंपनी का लक्ष्य 2024 के वसंत में इस तरह की कारों का उत्पादन शुरू करना है. बता दें कि भारत में सितंबर 2021 में चेन्नई स्थित एक स्टार्टअप विनाटा एयरोमोबिलिटी ने हाइब्रिड फ्लाइंग कार का कॉन्सेप्ट मॉडल पेश किया था. सुजुकी ने कहा कि वह 2024 के वसंत के आसपास जापानी स्टार्ट-अप स्काईड्राइव के साथ संयुक्त रूप से फ्लाइंग कारों का उत्पादन शुरू करने पर सहमत हुई है. ऑटो क्षेत्र की दिग्गज की मानें तो इसका मकसद बढ़ते उद्योग में नेतृत्व करना है.

स्काईड्राइव ने पेरिस शो में किया था शोकेस

स्काईड्राइव एक पूर्ण स्वामित्व वाली उत्पादन सहायक कंपनी स्थापित करेगी, जो शिजुओका प्रीफेक्चर में सुजुकी ग्रुप के प्लांट का इस्तेमाल करके वाहनों को असेंबल करेगी. वहीं, सुजुकी अधिग्रहण सहित विनिर्माण की तैयारी के विभिन्न पहलुओं में मदद करेगी. इससे पहले स्काईड्राइव ने पेरिस एयरशो में अपने वाहन के डिजाइन को बदलने की योजना को सार्वजनिक किया था. इसने दो के बजाय तीन लोगों को ले जाने वाली कार का डिजाइन तैयार करने की जानकारी दी थी. नए डिजाइन की कुल लंबाई लगभग 13 मीटर और ऊंचाई 3 मीटर है, अधिकतम उड़ान सीमा को मौजूदा 10 किमी से लगभग 15 किलोमीटर तक बढ़ा देगा.

ट्रेन-बस के उबाऊ सफर से मिलेगी छूटकारा

फ्लाइंग कार को इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (ईवीटीओएल) विमान के रूप में जाना जाता है. फ्लाइंग कारें एक प्रकार के विमान हैं, जो कई रोटरों का इस्तेमाल करके ऊंचाई में उड़ान भरने और उतरने की क्षमता रखते हैं. वाहन आम तौर पर कम संख्या में लोगों को ले जाने के लिए होते हैं, कुछ मॉडल जमीन पर इस्तेमाल के लिए भी बनाए जाते हैं. स्काईड्राइव के अनुसार, हल्के वजन वाले ईवीटीओएल विमान शहर में लगभग कहीं भी स्थित हवाई अड्डों पर उतर सकते हैं. यात्री के अनुरोध पर खुद उड़ने वाली कार यात्री के साथ उड़ान भरेगी और उसको आराम से सीधे उसके गंतव्य तक ले जाएगी. इससे ट्रैफिक जाम, सड़क के काम के कारण होने वाली देरी और ट्रेन या बस में यात्रा से छुटकारा मिल जाएगा.

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