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इंस्पेक्टर देहलीगेट ऋिषपाल सिंह ने बताया कि सीएए की हिंसा में सऊद फैजी देशद्रोह का आरोपी रहा है। उसने खैरनगर में भड़काऊ पोस्टर चस्पा कराए थे। पुलिस ने छानबीन की। पता चला कि सऊद के निशा के अलावा भी कई महिलाओं से संबंध हैं। पुलिस ने उसके मोबाइल की सीडीआर निकाली है।
उसके खिलाफ देहलीगेट थाने में देशद्रोह की धारा में मुकदमा हुआ था। वह अग्रिम जमानत ले आया था। दो बच्चों की हत्या के बाद देहलीगेट पुलिस ने सऊद और बदर अली का रिकॉर्ड खंगाला। जिसमें पता चला कि सऊद ने दो साल पहले बदर अली की पार्टी छोड़ दी थी। उसके कई महिलाओं से संबंध हैं। पार्षद बनने के बाद सऊद और निशा की मुलाकात हुई।
निशा को मां कहता था सऊद
मृतक बच्चों के पिता शाहिद का कहना कि सऊद और आरिफ का अक्सर घर पर आना-जाना लगा रहा था। सऊद निशा को मां कहता था तो कभी किसी को शक भी नहीं हुआ। यदि निशा और सऊद निकाह करना चाहते थे तो कर लेते। उन्हें कौन रोक रहा था। मेरे बच्चों को तो न मारते। शाहिद का बेटा मेराब भी सऊद को भैया कहता था।
हत्यारोपियों पर लगेगा गैंगस्टर
सीसीटीवी में कार में शवों को रखते, मोबाइल की सीडीआर में निशा-सऊद की बातचीत व नामजद सभी आरोपियों के बयानों की वीडियोग्राफी को पुलिस ने सुबूत बनाया है। जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों पर गैंगस्टर लगाएगी। आरोपियों की निशानदेही पर मेराब का शव गंगनहर से बरामद हुआ। जिस कार्टून में दोनों बच्चों के शवों को ले जाया गए है। एसपी सिटी ने बताया कि निशा ने अपनी उम्र 36 और पति की उम्र 52 साल बताई है।
हत्यारोपियों की संपत्ति की जांच और फांसी की मांग
दोनों मासूमों की हत्या से स्थानीय लोगो में आक्रोश है। इन्होंने पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की जांच और फांसी की सजा की मांग की। सीओ कोतवाली अमित कुमार राय का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट को पूर्व पार्षद की संपत्ति की जांच के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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