भागलपुर में मुखिया और जिला परिषद सदस्य का बेटा निकला हथियार तस्कर, ड्रग्स पैडलर के मोबाइल ने खोला राज – Prabhat Khabar

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बिहार की भागलपुर पुलिस ने मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी करके भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किया है. हथियारों के जखीरा के साथ तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें एक युवक जदयू का युवा जिलाध्यक्ष रह चुका है. उसकी मां दो बार मुखिया रह चुकी हैं. चर्चा है कि वो सेना में भी अपनी सेवा दे चुका है. जबकि उसके साथ गिरफ्तार हुए एक युवक की मां जिला परिषद सदस्य रह चुकी है. पुलिस ने तीनों युवक को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले की जांच की जा रही है.

सफेदपोश बनकर घूमता था मन्नू, युवा जदयू का रह चुका है जिलाध्यक्ष

मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के कंझिया गांव के मन्नू चौधरी से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस की बरामदगी से हड़कंप है. कई सफेदपोश शक के घेरे में है. कहा जाता है कि कोतवाली चौक पर पकड़ाये ड्रग्स पैडलर के मोबाइल के कई हथियार तस्करों के नाम सामने आए हैं, जिनमें मन्नू चौधरी भी है. इसी आधार पर छापेमारी शुरू हुई. जिसके बाद एक-एक कर हथियार तस्करों के नाम खुलने लगे. पुलिस ने गुरुवार की रात दो बजे से छापेमारी शुरू की जो सुबह तक चली. इस दौरान जिस मणिकांत चौधरी उर्फ मन्नु चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. करीब 7-8साल पहले वो युवा जदयू का जिलाध्यक्ष था. उसके एक चर्चित लोजपा नेता से गहरे साठगांठ बताए जाते हैं. इसके अलावा नाथनगर के भी कुछ सफेदपोश मन्नू चौधरी के संपर्क में हैं. सूत्र बताते हैं कि मन्नू जमीन कारोबार में बड़ा हाथ मारता था. कई विवादित जमीन को भी कुछ सफेदपोश के साथ मिलकर सलटाया था.

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मन्नु के परिवार के लोग शराब,गाड़ी व हथियार के कारोबार से जुड़े हैं

सूत्र बताते है कि मन्नू चौधरी के परिवार के कुछ लोग पहले से भी दागी रहे है.भले वो कानून की नजर में बचता फिर रहा था पर इलाके के लोग सबकुछ जान रहे थे. सूत्रों कि मानें तो उसके खास रिश्तेदार शराब और चार चक्के का अवैध रूप से खरीद बिक्री करते हैं.उसके एक भाई का शराब तस्करी में नाम उछला था.उसकी गाड़ी भी शराब मे पकड़ायी थी. बालू के कारोबार में भी एक परिजन सक्रिय रहा है. खासकर कारतूस बिक्री में उसका घर फेमस था.

सेना में नौकरी करता था मन्नू, छोड़ने को लेकर तरह-तरह की चर्चा

स्थानीय लोगों की मानें तो मणिकांत चौधरी उर्फ मन्नू चौधरी की नौकरी सेना में थी. कुछ दिन तक ठीकठाक नौकरी की इसके बाद वो वहां भी हथियार व कारतूस की हेराफेरी करने लगा.वहां अफसरों को शक हुआ तो इसकी जांच शुरू हुई लेकिन मन्नू बचकर भाग निकलने में सफल रहा. हालांकि, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि उसने नौकरी से रिजाइन किया है. पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है.

मन्नू की मां मुखिया तो राजा की मां रह चुकी है जिप सदस्य

मन्नू चौधरी के साथ जिस राजा की गिरफ्तारी हुई है वो भी पहले दागी रह चुका है.उसपर और उसके भाई रजनीश यादव पर पहले भी कई संगीन मामले दर्ज हैं. इसके परिवार का पहले से भी राजनीतिक बैकग्राउंड रहा है.मन्नू चौधरी की मां नाथनगर के रामपुर खुर्द पंचायत की दो बार मुखिया रह चुकी है.वहीं राजा यादव की मां आनंदलता जिला परिषद की सदस्य रह चुकी है.

परबत्ती की घटना से भी जोड़कर देख रही पुलिस

सूत्रों कि मानें तो शहर में हथियार का धंधा बडे पैमाने पर सालों से चल रहा है. इसी सप्ताह परबत्ती से बड़ी संख्या में हथियार की बरामदगी हुई है. पुलिस दोनों मामलों को जोड़कर देख रही है और एंगिल पर जांच भी कर रही है.

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