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आर्यन शर्मा, रिधिमा ठाकुर व तृप्ता के मॉडल।
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला त्रिलोकपुर के नौंवी कक्षा के विद्यार्थी आर्यन शर्मा ने ऐसा मॉडल तैयार किया है। जिससे सड़क हादसों को रोका जा सकेगा। सर्पीली सड़कों के तीखे मोड़ पर मॉडल को लगाया जाए तो दूसरी ओर से वाहन के आते ही अलार्म बज जाएगा। इससे दोनों ओर के वाहन चालक सतर्क हो जाएंगे। धर्मशाला के दाड़ी स्कूल में चल रहे जिला स्तरीय इंस्पायर प्रदर्शनी में आर्यन का यह मॉडल हर किसी की जिज्ञासा बढ़ा रहा है। आर्यन शर्मा ने बताया कि एक बार मणिमहेश यात्रा के दौरान वह अपने परिवार के साथ भरमौर की तरफ जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी आंखों के सामने एक हादसा देखा, इसमें दो लोगों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने ठानी कि कुछ ऐसा किया जाए कि हादसों को रोका जा सके। अब एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो मोड़ पर वाहन आने की सूचना अलार्म से दे देगा। मॉडल को बनाने के लिए 5,000 रुपये खर्च आया है। अगर उनके मॉडल को मंजूरी मिल जाती है तो हादसों पर रोक लग सकती है।
मां के सड़क हादसे ने दी स्मार्ट हेलमेट बनाने की सोच
डलहौजी पब्लिक स्कूल चंबा की नौंवी कक्षा की छात्रा रिधिमा ठाकुर ने स्मार्ट हेलमेट तैयार किया है। एक बार रिधिमा की मां स्कूटी चलाते समय हादसे का शिकार हो गईं। जहां पर वह घायल हुईं। वह सुनसान क्षेत्र था। इससे उन तक मदद पहुंचने में काफी देरी लगी। मां के साथ हुए इस हादसे ने रिधिमा को स्मार्ट हेलमेट बनाने का आइडिया आया। रिधिमा ने बताया कि स्मार्ट हेलमेट में जीपीएस ट्रैकर लगा है। हेलमेट पहने व्यक्ति की अगर कहीं दुर्घटना होती है तो ऑटोमेटिक तरीके से हेलमेट में फीड किए नंबरों पर संदेश चला जाएगा। इसके अलावा जीपीएस ट्रैकर होने के कारण परिजन भी हादसे के शिकार व्यक्ति को ट्रैक कर सकते हैं। स्मार्ट हेलमेट बनाने में रिधिमा ने 9,000 रुपये खर्च किए हैं।
पुलवामा हमले से आहत तृप्ता ने बनाया ऑटोमेटिक अलार्म, खतरे में बज उठेगा
पब्लिक स्कूल चलवाड़ा की छात्रा तृप्ता ने ऑटोमेटिक अलार्म बनाया है। अगर कोई वाहन या व्यक्ति बिना पासवर्ड के गेट के भीतर जाना चाहेगा तो अलार्म बज जाएगा। इसके अलावा एक सुरक्षा दीवार भी अपने आप खड़ी हो जाएगी। चलवाड़ी स्कूल की छात्रा ने यह सिक्योरिटी सिस्टम पुलवामा में हुए हमले से आहत होकर तैयार किया है। छात्रा का कहना है कि मॉडल को करीब 9,000 रुपये में तैयार किया है। इसमें सेंसर और अलार्म के अलावा ऑटोमेटिक दीवार को जोड़ा गया है। तृप्ता ने कहा कि अगर अलार्म को किसी आर्मी बेस, स्कूल सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों पर स्थापित किया जाता है तो इसमें बिना पासवर्ड के कोई भी अंदर प्रवेश नहीं कर पाएगा। जबरन प्रवेश करने की स्थिति में अलार्म बजेगा और एक सुरक्षा दीवार अपने आप खड़ी हो जाएगी।
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