भीषण हादसे में 12 की मौत: ऐसा लगा बम फटा, फिर आंखों के सामने छा गया अंधेरा, घायल बोला-आंख खुलीं तो शव ही शव…

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Road Accident Pratapgarh accident injured told story

Road Accident Pratapgarh
– फोटो : अमर उजाला

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टेंपो की गति बहुत तेज नहीं थी। शहर से लीलापुर के पास पहुंचे ही थे कि अचानक जोरदार धमाका हुआ और सिर टेंपो की छत से जा टकराया। इसके बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया। फिर क्या हुआ, पता नहीं। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया। प्रतापगढ़ हादसे में घायल अकबाल बहादुर सिंह एसआरएन अस्पताल में जब यह बातें कह रहे थे तो उनके चेहरे पर खौफ था। आपबीती सुनकर उनके परिजन भी सहम उठे।

अकबाल हादसे में घायल उन चार लोगों में शामिल हैं, जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। उनके अलावा विमला देवी पत्नी रामदास सरोज निवासी टेंउगा कोतवाली, सतीश कुमार तिवारी (30) निवासी नेवादा मऊआइमा और अभिनव (नौ) पुत्र पितृदेव निवासी बंधुआ सुल्तानपुर भी एसआरएन अस्पताल में भर्ती हैं।

अकबाल ने बताया कि वह बैंक के काम से शहर गए थे। काम होने के बाद वह टेंपो से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गए। बेटे आकाश ने बताया कि पिता के सिर व दोनों पैरों में गंभीर चोट आई है। 

घायल विमला देवी ने बताया कि वह टेंपो से पड़वाजी गांव स्थित मायके जा रही थीं, तभी यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि सामने से आ रहा टैंकर बहुत तेज गति से चल रहा था। अचानक टैंकर बेकाबू होकर पलट गया और टेंपो को चपेट में ले लिया। वह अन्य सवारियों के नीचे दब गईं और चीखपुकार मच गई। फिर क्या हुआ, उन्हें नहीं पता।

 

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