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मनाली पेड़ गिरने से गाड़ियां क्षतिग्रस्त।
– फोटो : संवाद
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पर्यटकों और पर्यटन कारोबार के लिए बर्फबारी संजीवनी से कम नहीं है लेकिन इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बर्फबारी से जिंदगी की रफ्तार थम गई है। यातायात, बिजली और पेयजल व्यवस्था पर सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। घाटी की तमाम सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। पेयजल योजनाएं जाम होने से कई इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। मनाली के आधे इलाके में आठ घंटों से ब्लैकआउट है। वहीं, नए पुल के समीप पेड़ गिरने से करीब आठ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गनीमत रही कि हादसे के समय गाड़ियों में कोई नहीं था। तीन दिन से मनाली और आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है। इस वजह से कई स्थानों पर पेड़ गिरने और टहनियां टूटने से बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे मनाली में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
मनाली शहर में बिजली गुल रही। शाम के समय मनाली शहर के कुछ हिस्सों, अलेउ, प्रीणी, वशिष्ट में बिजली बहाल हो गई लेकिन अन्य इलाकों में अंधेरा पसर गया है। पेयजल लाइनें जाम होने से 50 फीसदी ग्रामीण इलाकों में पानी की आपूर्ति घट गई है। बिजली पर निर्भर पेयजल योजनाओं में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। घाटी में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। कुल्लू-मनाली हाईवे पर पतलीकूहल से आगे वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। सुबह के समय कुछ बसें और वाहन मनाली की ओर आ रहे थे लेकिन बर्फबारी के कारण क्लाथ से आगे नहीं चढ़ पाए। एसडीएम मनाली रमन कुमार शर्मा ने बताया कि भारी बर्फबारी से कुछ दिक्कतें जरूर हुई हैं संबंधित विभाग व्यवस्था सुचारु बनाने में जुटे हुए हैं।
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